9 अगस्त को देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा. इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनसे अपनी रक्षा का वचन लेंगी. ज्योतिष गणना के अनुसार, पूरे 4 वर्ष बाद रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा. 9 अगस्त की सुबह राखी का शुभ मुहूर्त शुरू होने से पहले ही भद्रा काल समाप्त हो जाएगा.
भद्रा काल 8 अगस्त को दोपहर 02 बजकर 12 मिनट पर प्रारंभ होगा और 9 अगस्त की रात 1 बजकर 52 मिनट पर समाप्त हो जाएगा. हिंदू पंचांग के अनुसार, रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ समय सुबह 5 बजकर 47 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक रहेगा.
राखी पर कितनी देर रहेगा मुहूर्त?
यानी राखी बांधने के लिए बहनों को पूरे 7 घंटे 37 मिनट का समय मिलेगा. इस दिन सौभाग्य योग, शोभन योग और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे तीन शुभ योग भी रहेंगे. इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा काल तो नहीं है, लेकिन राखी पर शुभ मुहूर्त के बीच राहु काल लगने वाला है, जिसमें राखी बांधना वर्जित माना गया है.
मुहूर्त के बीच राहु काल
पंचांग के अनुसार, रक्षाबंधन पर सुबह 09 बजकर 07 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 47 मिनट तक राहुकाल रहेगा.
शास्त्रों के अनुसार, राहु काल में किए गए कार्य सफल नहीं होते हैं और परिणाम अपेक्षित नहीं होते हैं. इसलिए इस अशुभ घड़ी में राखी बांधने से बचना चाहिए.











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