लखनऊ। उत्तर प्रदेश बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी राज्य में पार्टी के अंदर चल रही कथित जाति-आधारित राजनीति के खिलाफ़ बहुत सख्त रुख अपनाते दिख रहे हैं। उन्होंने पहले ही राजधानी में हुई बैठकों पर कड़ी आपत्ति जताई थी, और अब अपने दौरे के दौरान भी वही संदेश दे रहे हैं, जो ब्रज क्षेत्र से शुरू हुआ है। पिछले दिन आगरा में एक मीटिंग में उन्होंने दोहराया कि भारतीय जनता पार्टी एक राष्ट्रवादी पार्टी है जो समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करती है। जो लोग इस सिद्धांत के खिलाफ़ बोलेंगे, उनके खिलाफ़ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को चेतावनी दी गई है कि लखनऊ में हाल ही में हुई बैठकों जैसी घटनाएं दोबारा न हों। यह साफ कर दिया गया है कि जो भी ऐसी गतिविधियों में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ पार्टी संविधान के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इससे यह साफ होता है कि UP BJP के अंदर जाति-आधारित राजनीति को रोकना ज़रूरी है, इससे पहले कि यह पार्टी को और नुकसान पहुंचाए। नए प्रदेश अध्यक्ष भी इसी राय के लगते हैं।
मथुरा में बांके बिहारी के दर्शन करने के बाद पंकज चौधरी आगरा पहुंचे। यहां बैठक में उन्होंने कहा कि अखिलेश, लालू, ममता सहित इंडी गठबंधन के दलों में पार्टी अध्यक्ष बनने के लिए कार्यकर्ता को उनके खानदान में पुनर्जन्म लेना पड़ेगा। भाजपा में जहां जिसकी जरूरत होती है, पार्टी उसे वहां नियुक्त करती है। सांसद, प्रदेश व राष्ट्रीय अध्यक्ष तक बनाती है।
यही नहीं चौधरी ने आगे कहा कि भाजपा की खूबी है कि यहां कोई छोटा या बड़ा कार्यकर्ता नहीं होता। भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष भी सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से बड़ा होता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को 2047 के विकसित भारत के विजन में योगदान देने और 2027 के विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लिए काम करने को कहा।
पंकज चौधरी ने कहा कि पश्चिम के कार्यकर्ताओं को ये न लगे कि पूरब के नेता हैं, पश्चिम पर ध्यान नहीं देंगे, इसलिए पहली यात्रा बांके बिहारी का आशीर्वाद लेकर ब्रज क्षेत्र से शुरू की है। ब्रज क्षेत्र के कार्यकर्ता जुझारू हैं, इसलिए सभी का सहयोग जरूरी है। अगर कार्यकर्ता ठान लें तो उन्हें कोई रोक नहीं सकता। लेकिन, अगर वह घर बैठ जाएं तो सफलता नहीं मिल सकती।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल, सांसद राजकुमार चाहर समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।










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