लखनऊ। कुंदरकी के विधायक ठाकुर रामवीर सिंह द्वारा आयोजित एक शानदार कार्यक्रम ने हाल ही में उत्तर प्रदेश बीजेपी हलकों में राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। लखनऊ के फाइव-स्टार होटल ‘क्लार्क अवध’ में नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के सम्मान में आयोजित समारोह ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश बीजेपी के अंदरूनी गुटबाजी को सामने ला दिया है। हालांकि कार्यक्रम के बैकग्राउंड में प्रमुखता से “पश्चिमी उत्तर प्रदेश (पश्चिमी क्षेत्र)” लिखा हुआ था, लेकिन असल संगठनात्मक टीम और क्षेत्रीय अध्यक्ष इस “शक्ति प्रदर्शन” से गायब थे।
23 दिसंबर की रात हुए इस भव्य कार्यक्रम को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब इसे ‘पश्चिमी क्षेत्र’ की ओर से आधिकारिक स्वागत समारोह बताया गया। बैकड्रॉप पर मोटे अक्षरों में संगठन का नाम लिखा था, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से पश्चिमी क्षेत्र के अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया और उनकी पूरी टीम कार्यक्रम से अनजान थी। जिस समय लखनऊ में स्वागत का शोर था, उस समय सिसोदिया और निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह हापुड़ में चौधरी चरण सिंह की जयंती के कार्यक्रमों में व्यस्त थे। भूपेंद्र चौधरी और ठाकुर रामवीर सिंह, दोनों का गृह जनपद एक ही है। भूपेंद्र लंबे समय तक वेस्ट यूपी के पार्टी अध्यक्ष रहे हैं। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष और 2-2 बार प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। भाजपा में भूपेंद्र का बड़ा और मजबूत कद है। लेकिन रामवीर ठाकुर कभी भी भूपेंद्र की गुडबुक में नहीं रहे। अब भूपेंद्र के प्रदेश अध्यक्ष से हटने के बाद रामवीर खुद को वेस्ट यूपी के बड़े नेता के रूप में स्थापित करने की कोशिशों में जुटे हैं।
सूत्रों के अनुसार, पश्चिमी क्षेत्र के अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया इस घटना से बहुत नाराज़ हैं। उन्होंने नए प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय नेतृत्व से इसकी शिकायत की है, और इसे पार्टी प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन बताया है। उनका कहना है कि अगर यह कार्यक्रम पश्चिमी क्षेत्र के नाम पर आयोजित किया गया था, तो संगठन के क्षेत्रीय अध्यक्ष को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई?
मुजफ्फरनगर के NRI आयोजक बने, और रामवीर पर्दे के पीछे से सब कुछ संभाल रहे-
विधायक रामवीर सिंह खुद स्टेज से दूर रहे, लेकिन पूरे कार्यक्रम का मैनेजमेंट उनके बेटे विक्की ठाकुर और उनके करीबी लोगों ने किया। कार्यक्रम के ऑफिशियल ऑर्गनाइज़र चौधरी विनय कुमार थे, जो मुजफ्फरनगर के एक गैर-राजनीतिक व्यक्ति और NRI हैं। हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के भाषण से स्थिति साफ हो गई। अपने भाषण में उन्होंने खास तौर पर रामवीर सिंह को दो बार धन्यवाद दिया, और सभी विधायकों और MLCs को इकट्ठा करने का श्रेय उन्हें दिया।
आयोजन में शामिल दिग्गजों की फेहरिस्त-
कार्यक्रम में रामवीर के करीबियों का ही जमावड़ा रहा, जिनमें रमापति राम त्रिपाठी, एमएलसी मोहित बेनीवाल, विधायक राजीव तरारा, विधायक नहटौर ओम कुमार, पूर्व सांसद वीर सिंह एडवोकेट, गुर्जर नेता वीरेंद्र सिंह MLC, शामली के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान, शामली के रालोद विधायक प्रसन्न चौधरी,विधायक संजीव शर्मा, लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर, मेरठ के देवेंद्र चौधरी, देवेश शर्मा बिलारी मेंबर,लोकदल नेता अनिल चौधरी का बेटा आलोक चौधरी, शराब कारोबारी इंद्रजीत सिंह चड्ढा उर्फ़ चीकू चड्ढा, संजय कट्टा, मनोज गुप्ता, निर्यातक राहुल सिंह, मास्टर ठाकुर रविंद्र पाल सिंह, गिरीश वर्मा आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
इस घटना से यह साफ़ हो गया है कि रामवीर सिंह खुद को सिर्फ़ विधायक के तौर पर नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक बड़े नेता के तौर पर स्थापित करना चाहते हैं, जिससे भविष्य में बीजेपी के अंदर नई पावर डायनामिक्स ज़रूर देखने को मिलेगी। बताया जा रहा है कि 10 अगस्त को लखनऊ के एक फाइव-स्टार होटल में ठाकुर विधायकों की मीटिंग और 23 दिसंबर की रात को नए प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत का बिल मुरादाबाद के एक एक्सपोर्टर ने चुकाया था। खबरों के मुताबिक, मुरादाबाद के एक जाने-माने एक्सपोर्टिंग परिवार ने दोनों इवेंट्स का खर्च उठाया था।









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