मेरठ। किठौर इलाके के राधाना गांव का आसिफ, नशीली कफ सिरप की स्मगलिंग करके कुछ ही सालों में करोड़पति बन गया। गाजियाबाद पुलिस उसे ढूंढ रही है। आसिफ, जिसके दुबई, ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस में होटल हैं, 2020 से दुबई से अपना स्मगलिंग नेटवर्क चला रहा है।
उसके दुबई और ऑस्ट्रेलिया में होटल हैं। होटल के बिजनेस के साथ-साथ वह एक ट्रांसपोर्ट कंपनी भी चलाता है। वह इसका इस्तेमाल नशीली कफ सिरप की स्मगलिंग के लिए कवर के तौर पर करता है। गांव वालों के मुताबिक, आठ साल पहले वह एक ट्रक ड्राइवर था; आज वह करोड़पति है।
मां की मौत के बाद, पिता एक राक्षस बन गया, और अपनी मासूम बेटी का बार-बार यौन शोषण किया; उसने अपनी चाची को यह बात बताई, और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
गांव वालों के मुताबिक, राधाना का रहने वाला आसिफ दस साल पहले कुवैत में ट्रक चलाता था। उसका एक दोस्त भी वहां ट्रक चलाता था। कुवैत में दोस्त की मौत के बाद आसिफ लौट आया। उसने अपने दोस्त की पत्नी से शादी कर ली और देहरादून में उसकी प्रॉपर्टी बेचकर एक ट्रक खरीदा। उसी गांव का नदीम, उसकी ट्रक का इस्तेमाल एक कंपनी के लिए कफ सिरप सप्लाई करने के लिए करता था।
आसिफ ने भी नदीम के साथ अपना कैंटर लगा लिया। तब उसे पता चला कि नदीम कंपनी के कफ सिरप की आड में नशीला कफ सिरप भी सप्लाई करता था। वह बांग्लादेश के रास्ते खाड़ी देशों में नशीले कफ सिरप की तस्करी करता था।
2016 में दिल्ली नॉरकोटिक्स विभाग ने नदीम को गिरफ्तार किया था। कोर्ट से उसे जेल भेज दिया गया था। इसके बाद नशीले कफ सिरप की तस्करी का पूरा कारोबार आसिफ ने संभाल लिया था। नदीम की पैरोकारी करने वाली उसकी अधिवक्ता से आसिफ ने शादी कर ली। इसी बीच पहली पत्नी की अचानक एक दिन संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
2020 में चला गया था दुबई ग्रामीणों के मुताबिक, 2020 में आसिफ दुबई में जाकर बस गया। वहां पर उसने दो होटल लीज पर लिए। साथ ही ट्रांसपोर्ट का भी काम किया। इसी के जरिए वह कुछ ही साल में करोड़पति बन गया। उसके दुबई के बाद आस्ट्रेलिया, फ्रांस में भी होटल चल रहे हैं।
कोलकाता में भी बार खोल रखा है। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि गाजियाबाद या अन्य जनपद की पुलिस ने आसिफ के बारे में कोई जानकारी नहीं ली है। स्थानीय पुलिस को भी इसके बारे कोई जानकारी नहीं है।
सात महीने पहले गांव आया था, आसिफ पांच भाइयों में तीसरे नंबर का है। दो बड़े भाई कैंटर चालक हैं। एक भाई का नोएडा में होटल है जबकि चौथा भाई मानसिक रूप से कमजोर है। आसिफ अपनी पत्नी के साथ दुबई में ही रहता है।
कई साल बाद वह सात महीने पहले अपने गांव राधना आया था। कुछ दिन परिजनों के साथ रहकर चला गया था। सभी भाइयों के अलग मकान हैं। गांव में आसिफ का मकान बंद पड़ा रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि वह आठ वर्षों में ही आठ-दस हजार करोड़ का आदमी बन गया है।
तमंचों के लिए बदनाम है राधना गांव, किठौर थाना क्षेत्र का राधना गांव अवैध तमंचों के लिए बदनाम रहा है। यहां से तमंचे बनाकर देश भर में बेचे जाते रहे हैं। पुलिस ने भी यहां पर अनेक बार अवैध तमंचा बनाने की फैक्टरी पकड़ी है।
इसी साल गांव में पुलिस चौकी खोली गई। हालांकि अब तमंचा निर्माण बंद है। अब नशीला कफ सिरप की तस्करी को लेकर आसिफ के साथ गांव का नाम दुबई तक चर्चाओं में आ गया है। गाजियाबाद पुलिस उसकी तलाश कर रही है।











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