मेरठ। 2012 में दर्ज रेल रोको मामले में कोर्ट ने मेरठ के पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल को बरी कर दिया है। यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) चंद्रशेखर मिश्रा की अदालत ने सुनाया।
यह मामला वर्ष 2012 का है जब मेरठ सिटी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रोकने की घटना सामने आई थी। तत्कालीन बेटर इंस्पेक्टर राकेश कुमार यादव द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल करीब 100 लोगों के साथ स्टेशन पहुंचे थे और ट्रेन के आगे खड़े होकर इंजन पर चढ़ गए थे। प्रदर्शनकारी यात्रियों की मांग थी कि ट्रेन में डिब्बों की संख्या बढ़ाई जाए, जिसको लेकर उन्होंने रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की थी।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में आठ गवाह पेश किए गए। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि राजेंद्र अग्रवाल को राजनीतिक कारणों से झूठा फंसाया गया है और उनके निर्दोष होने के पर्याप्त साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं।
पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में विफल रहा। लिहाजा पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल को दोषमुक्त करार दे दिया गया।











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