शामली। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति को चुनौती देने वाला मामला सामने आया है। झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव दरगाहपुर के किसान जयवीर सिंह ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने चकबंदी अधिकारी पर अपनी जमीन का सिजरा दुरुस्त कराने के नाम पर ₹5000 रिश्वत लेने का आरोप लगाया है।
किसान ने बताया कि चकबंदी न्यायालय द्वारा सिजरा संशोधन का आदेश मिलने के बाद उन्होंने तहसील ऊन में संबंधित अधिकारी को परवाना दिया था। इसके बावजूद अधिकारी ने काम न करने के साथ ₹5000 रिश्वत मांगी, जो किसान ने दे दी। जब कार्य नहीं हुआ तो अधिकारी ने और अधिक खर्चे की मांग की, जिससे नाराज होकर किसान ने जिलाधिकारी से शिकायत की।
जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि, चकबंदी अधिकारी से फोन पर संपर्क नहीं हो पाया है। अब यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री की सख्त नीति के तहत आरोपित अधिकारी के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।
जयवीर सिंह ने कहा, “मैंने अपनी मेहनत की कमाई से रिश्वत दी, लेकिन मेरा काम अब तक नहीं हुआ। मैं न्याय चाहता हूं।”
यह मामला उस व्यवस्था की पोल खोलता है जहां भ्रष्टाचार के चलते सामान्य जनता की समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं, जबकि प्रशासनिक स्तर पर जीरो टॉलरेंस की बात की जाती है।











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