मेरठ : मुस्कान रस्तोगी ने तीन मार्च को अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी थी। दोनों ने उसके शव को चार टुकड़ों में काटकर एक नीले ड्रम में डाला और ऊपर से सीमेंट का घोल भर दिया था।
सौरभ की हत्या के मामले में जेल में बंद उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी वकालत की पढ़ाई कर अपना केस खुद लड़ना चाहती है। उसने जेल प्रशासन से एलएलबी की पढ़ाई के बारे में जानकारी मांगी है। करीब 75 दिन बाद भी किसी परिजन के जेल में न आने से मुस्कान परेशान है। जेल प्रशासन भी नियमों के अनुसार मुस्कान की पढ़ाई की संभावना तलाश रहा है।
ब्रह्मपुरी क्षेत्र के इंदिरानगर निवासी मुस्कान रस्तोगी ने तीन मार्च को अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी थी। दोनों ने उसके शव को चार टुकड़ों में काटकर एक नीले ड्रम में डाला और ऊपर से सीमेंट का घोल भर दिया था। शिमला से वापस लौटने पर मुस्कान ने अपने परिवार को वारदात के बारे में जानकारी दी थी। परिवार ने ब्रह्मपुरी थाने पहुंचकर पूरे प्रकरण के बारे में बताया था। पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया था।
गत 19 मार्च को दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। मुस्कान की जब जेल में हालत बिगड़ी तो उसका मेडिकल के गायनिक वार्ड में अल्ट्रासाउंड कराया गया था। इसमें गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी।
ब्रह्मपुरी पुलिस ने इस मामले में साहिल और मुस्कान के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दायर कर दी थी। साहिल से मिलने उसकी नानी और भाई जेल पहुंचे थे। मुस्कान से मिलने कोई परिजन अभी तक नहीं आया है।
जेल प्रशासन ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मुस्कान की पैरवी के लिए अधिवक्ता उपलब्ध कराया है। अब मुकदमे का ट्रायल शुरु होने पर मुस्कान मजबूत पैरवी चाहती है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डा. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि जेल के बंदियों को यहां स्थापित इग्नू सेंटर से विभिन्न कोर्स कराए जाते हैं। मुस्कान ने एलएलबी की पढ़ाई के संबंध में जानकारी मांगी है। किस तरह यह सुविधा उसे उपलब्ध कराई जाएगी, यह देखा जा रहा है।
मुस्कान ने जेल प्रशासन के समक्ष एलएलबी की पढ़ाई करने की इच्छा जताई है, लेकिन इसमें उसे न्यूनतम करीब आठ साल लग जाएंगे। वह कक्षा-आठ पास है। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और स्नातक के बाद वह एलएलबी कर पाएगी। स्नातक तक वह जेल में रहकर भी पढ़ सकती है, लेकिन एलएलबी की पढ़ाई जेल से बाहर आने पर ही कर पाएगी। एलएलबी रेगुलर पाठ्यक्रम है। इसकी पढ़ाई दूरस्थ शिक्षा से नहीं की जा सकती। इंटरमीडिएट के बाद बीएएलएलबी में पांच वर्ष का कोर्स है। तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के बाद तीन वर्षीय एलएलबी का कोर्स होता है।
जेल में मुस्कान रामायण का पाठ पढ़ रही है। इसके साथ ही उसने कपड़ों की सिलाई भी सीख ली है। दरअसल, जेल में कपड़ों और फुटबॉल की सिलाई की जाती है। जिससे बंदियों को काम मिलता है, जिसके बदले चेक के माध्यम से बंदियों को चेक मिलता है। मुस्कान प्राइवेट अधिवक्ता की फीस सिलाई से मिले रुपये से भरेगी।











Discussion about this post