मेरठ। आगामी श्रावण मास में आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा-2025 के सुरक्षित, सुचारु और अनुशासित संचालन के लिए मेरठ पुलिस लाइन स्थित बहुउद्देशीय हॉल में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई। इस गोष्ठी की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा ने संयुक्त रूप से की।
गोष्ठी में जनपद के शिविर संचालकों और डीजे संचालकों के साथ सीधा संवाद स्थापित करते हुए प्रशासन ने कांवड़ यात्रा के दौरान पालन किए जाने वाले कड़े दिशा-निर्देश दिए।
प्रमुख निर्देश एवं बिंदु:
- कांवड़ यात्रा के दौरान धार्मिक मर्यादा, सामाजिक समरसता और सौहार्द का पूर्ण सम्मान किया जाएगा। किसी भी प्रकार की उत्तेजक या भड़काऊ सामग्री पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।
- डीजे की ध्वनि सीमा पर्यावरण और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों के अनुरूप होगी। तेज आवाज, अश्लील गीत या उत्तेजक नारे पूरी तरह वर्जित हैं।
- डीजे की अधिकतम ऊँचाई 10 फीट और चौड़ाई 12 फीट से अधिक नहीं होगी। इन सीमाओं का उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। डीजे संचालकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी गलत सूचना के मामले में तुरंत पुलिस को सूचित करें।
- शिविरों में पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय, स्वास्थ्य सुविधा, प्राथमिक उपचार और अग्निशमन की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। किसी भी अस्थायी निर्माण के लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है।
- फोन चार्जिंग प्वाइंट, सुरक्षित बिजली वायरिंग और परिचय-पत्रधारी कर्मचारियों की नियुक्ति अनिवार्य है। अज्ञात व्यक्तियों को शिविरों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
- आग बुझाने के उपकरण हर शिविर में उपलब्ध रहेंगे। शिविर मुख्य मार्ग से दूरी पर स्थापित किए जाएं ताकि आवागमन बाधित न हो। कांवड़ स्टैंड मजबूत और क्षमता अनुसार ही कांवड़ रखने के लिए हो।
- मार्गों पर अवरोध या अतिक्रमण बिल्कुल न हो। कोई भी शिविर, डीजे वाहन या अस्थाई संरचना सार्वजनिक मार्गों पर बाधा नहीं उत्पन्न करे। अवरोध या लेन उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- सभी शिविर संचालकों को अपने नामित संपर्क अधिकारियों से लगातार जुड़े रहना होगा और किसी भी समस्या या सूचना के तुरंत नजदीकी थाना या नियंत्रण कक्ष को सूचित करना होगा।
गोष्ठी के समापन पर जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा ने सभी शिविर और डीजे संचालकों से प्रशासन के साथ सहयोग करते हुए अनुशासन एवं कानून का पालन करने की अपील की। उन्होंने कांवड़ यात्रा को एक आदर्श, शांतिपूर्ण और श्रद्धा से परिपूर्ण आयोजन बनाने पर जोर दिया। साथ ही जनहित और लोकशांति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।
गोष्ठी में नगर आयुक्त, अपर जिलाधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, जिला विकास अधिकारी, अधीक्षक अभियंता, क्षेत्रीय प्रबंधक, सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा, जिला विद्यालय निरीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अधिशासी अधिकारी आदि प्रमुख प्रशासनिक और तकनीकी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।











Discussion about this post