मुज़फ्फरनगर। A2Z कॉलोनी में तीन दिन से ससुराल के बाहर टेंट लगाकर परिवार के साथ धरने पर बैठी नवविवाहिता को इंसाफ मिल गया है । राजनीतिक और सामाजिक लोगों के प्रयास से पति और पत्नी एक हो गए। महावीर चौक स्थित निजी रेस्टोरेंट में समाज और राजनीतिक लोगों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया।
बुढ़ाना के पूर्व विधायक उमेश मलिक, ज़िला बार संघ के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी,विनोद प्रमुख और समाजसेवी भीम कंसल,गौरव स्वरूप, शंकर स्वरूप सहित सैकड़ो लोगों ने पंचायत की और शालिनी सिंघल को पति प्रणव सिंघल के साथ घर में भेज दिया।
फैसले से 3 घंटे पहले ही पति प्रणव सिंघल ने पत्नी शालिनी से हत्या की आशंका जताई थी और कहा था कि वह मुझे काटकर नीले ड्रम में भर सकती है। शायद इसीलिए समाज और राजनीतिक लोगों के बीच में पहुंचे युवक के चेहरे पर पत्नी को ले जाते समय खुशी नजर नहीं आई।
बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक ने जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों में थोड़ा मनमुटाव हो गया था। उस मनमुटाव के कारण बेटी अपने मायके बुढ़ाना चली गई थी। बेटे ने लाने में कुछ देरी कर दी थी,जिसकी वजह से विवाहित शालिनी खुद चली आई थी। उस वक्त परिवार के लोग घर पर मौजूद नहीं थे, जब परिवार के लोगों को पता लगा तो वह थोड़े से चिंतित हो गए।
लड़के के आरोपों पर विधायक उमेश मलिक ने कहा कि बड़े-बड़े झगड़े और बड़ी-बड़ी खटासें भी होती है, बड़े-बड़े मनमुटाव भी होते हैं और जनपद मुजफ्फरनगर में बहुत ही बड़ी-बड़ी बातें भी हुई है। मुजफ्फरनगर के लोगों ने बड़ा स्टैंड लिया है और निश्चित रूप से यह फैसला सफल भी होगा और यह परिवार भली-भांति चलेगा।
ज़िला बार संघ के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी और लड़की के चाचा आशीष कुमार ने भी उम्मीद जताई है कि यह परिवार मनभेद ख़त्म करके आगे मिलजुलकर रहेगा ।











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