मुजफ्फरनगर : किसानों के हितों के लिए संघर्ष करने वाले संगठन किसान मंच ने सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट पर एक विरोध प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन पंजाब और हरियाणा के खनौरी व शंभू बॉर्डर पर हाल ही में शांतिपूर्ण धरना दे रहे किसानों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में था। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और पंजाब सरकार पर किसानों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया और उनकी जायज मांगों को पूरा करने की मांग की।
मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट पर जुटे किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर ये विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पंजाब सरकार ने वार्ता के बहाने किसानों को बुलाकर उनके साथ छल किया, जो निंदनीय है। किसान मंच के नेताओं ने स्पष्ट किया कि किसानों की मांगें जायज हैं और इन्हें पूरा करना सरकार का दायित्व है, चाहे वे किसी भी राज्य से हों। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी और बैनरों के माध्यम से सरकार के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया गया।
प्रदर्शन का एक प्रमुख मुद्दा किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की रिहाई था। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि डल्लेवाल को जल्द रिहा नहीं किया गया तो वे एक बड़े आंदोलन की शुरुआत करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा, “जो धोखाधड़ी किसानों के साथ की गई है, उसे कोई भी किसान संगठन बर्दाश्त नहीं करेगा। डल्लेवाल की रिहाई और किसानों की मांगों को पूरा करना अब समय की जरूरत है।’
हाल ही में पंजाब और हरियाणा के बीच खनौरी और शंभू बॉर्डर पर शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे किसानों के टेंट पुलिस द्वारा उखाड़ फेंके गए। 19 मार्च 2025 को हुई इस कार्रवाई में पंजाब पुलिस ने बल प्रयोग किया और कई किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस घटना में किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल भी शामिल हैं, जो अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे थे। किसानों का कहना है कि यह कार्रवाई उनकी आवाज को दबाने का प्रयास है।











Discussion about this post