मुजफ्फरनगर: ज़िले का एक प्रमुख औद्योगिक घराना और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली राणा परिवार एक बार फिर कानूनी घेरे में आ गया है। पूर्व बसपा विधायक शाहनवाज़ राणा के बेटे अब्दुल अहद राणा को बुधवार देर रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी तब हुई जब अब्दुल अहद शहर के एक बैंक्वेट हॉल में एक पारिवारिक शादी में शामिल होने गए थे, जहाँ पुलिस ने आधी रात के आसपास हॉल पर छापा मारा।
अब्दुल आहद राणा की गिरफ्तारी दो गंभीर मुकदमों से जुड़ी हुई है, जिसके कारण वह लंबे समय से वांछित चल रहे थे और उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी हो चुका था।
यह मामला तब दर्ज किया गया जब मार्च 2025 में मुजफ्फरनगर जेल में बंद शाहनवाज राणा के पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ था। जांच में सामने आया था कि यह मोबाइल अब्दुल अहद राणा और उसके साथियों की मदद से जेल के भीतर पहुंचाया गया था। इस मामले में नई मंडी थाने में शाहनवाज राणा, अब्दुल अहद और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और कारागार अधिनियम की गंभीर धाराएं शामिल हैं।
अब्दुल अहद का नाम करीब आठ महीने पहले हुए एक और मामले में शामिल है। यह तब हुआ जब 5 दिसंबर 2024 को वहलना चौक स्थित राणा स्टील फैक्ट्री पर सेंट्रल जीएसटी टीम ने छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान जीएसटी टीम पर हमला किया गया था, जिसके बाद राणा परिवार के सदस्यों और 200 से 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी दल पर हमला और गैंगस्टर एक्ट के तहत तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थीं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार वर्मा ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि “कानून से ऊपर कोई नहीं है। चाहे व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, अपराध करने पर उसे बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि अब्दुल अहद ने न केवल जीएसटी चोरी के नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि जेल में पिता तक मोबाइल फोन पहुंचाने की साजिश में भी सक्रिय रूप से शामिल था।
एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि थाना नई मंडी पुलिस ने 05/06 नवंबर 2025 की दरमियानी रात को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए अभियुक्त अब्दुल अहद राणा को दबोच लिया। उन्होंने बताया कि अभियुक्त अब्दुल आहद राणा उक्त मुकदमे में वांछित चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए माननीय न्यायालय से भी एनबीडब्ल्यू (गैर-जमानती वारंट) जारी किए गए थे। थाना नई मंडी पुलिस टीम ने लगातार दबिश और चेकिंग जारी रखी जिसके परिणामस्वरूप बीती रात अभियुक्त को दबोच लिया गया।
उन्होंने बताया कि अब्दुल आहद राणा पर यह गंभीर आरोप है कि उसने जेल में मुलाकात के दौरान एक योजनाबद्ध तरीके से मोबाइल फोन को अपने पिता शाहनवाज राणा तक पहुंचाया था। जो पहले से ही जेल में बंद थे। इस कृत्य के बाद ही उस पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। नई मंडी पुलिस ने अब्दुल अहद को रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया।
कभी बसपा के कद्दावर नेता रहे शाहनवाज राणा के परिवार पर कानूनी शिकंजा कसने से जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही ठोस कार्रवाई की जाएगी।











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