मुज़फ्फरनगर। शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर और सुगम बनाने के उद्देश्य से एसपी ट्रैफिक अतुल कुमार चौबे और एआरटीओ परिवर्तन सुशील मिश्रा की अध्यक्षता में ई-रिक्शा चालकों और व्यापारियों के साथ विशेष बैठक आयोजित की गई। यह बैठक पुलिस लाइन स्थित शिव मंदिर प्रांगण में हुई, जिसमें ई-रिक्शा संचालन के लिए रूट निर्धारण का विस्तृत प्लान तैयार किया गया।
अवैध ई-रिक्शा चालकों को चेतावनी देते हुए एसपी ट्रैफिक ने कहा कि बिना वैध लाइसेंस और परमिट के सार्वजनिक मार्गों पर ई-रिक्शा नहीं चलने दिया जाएगा। ई-रिक्शा चालकों को निर्धारित मानकों को पूरा करने के लिए समय सीमा दी गई है। मंगलवार दोपहर 12 बजे तक कोई भी रिक्शा चालक या यूनियन यातायात कार्यालय में अपने सुझाव प्रस्तुत कर सकता है। जून माह के मध्य से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी और जून के अंत तक रूट निर्धारण का रोडमैप लागू कर दिया जाएगा।
बैठक के दौरान ई-रिक्शा चालकों और व्यापारियों के बीच कुछ मुद्दों को लेकर बहस भी हुई, जिसे प्रशासन ने शांतिपूर्ण संवाद में बदला। एसपी ट्रैफिक ने स्पष्ट किया कि कोई हंगामा नहीं हुआ, बल्कि सभी पक्षों ने अपने सुझाव और समस्याएं सामने रखीं।
परिवर्तन अधिकारी सुशील मिश्रा ने बताया कि ई-रिक्शा संचालन की वर्तमान स्थिति अव्यवस्थित है, जिसे दुरुस्त करने के लिए यह बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने विभाग में दलालों द्वारा की जा रही गरीब ई-रिक्शा चालकों की शोषण की शिकायतों पर भी प्रतिक्रिया दी और स्पष्ट किया कि “उत्तर प्रदेश सरकार की 48 सेवाएं कैशलेस हैं। सभी शुल्क ऑनलाइन माध्यम से जमा होते हैं। जब तक लोग अपने अधिकारों और निर्धारित फीस की जानकारी नहीं लेंगे, तब तक वे शोषण के शिकार होते रहेंगे।”











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