मुजफ्फरनगर : जिले के शिव चौक पर एक परिवार की तीन पीढ़ियों से चली आ रही फूल की दुकान पर संकट आ गया है। समीर के दादा और पिता पिछले 40 सालों से यहां साइकिल पर फूल और माला बेचते आए हैं। अब समीर इस परंपरागत व्यवसाय को संभाल रहे हैं।
समीर ने बताया कि कुछ लोग उन्हें धर्म और नाम के आधार पर दुकान लगाने से रोक रहे हैं। वह केवल एक साइकिल पर बैठकर पूजा-पाठ में इस्तेमाल होने वाले फूल बेचते हैं। यह उनका पारिवारिक पेशा है, जिससे उनका गुजारा होता है।
धर्म के नाम पर न हो भेदभाव इस मामले में एक सामाजिक संस्था ने समीर का समर्थन किया है। संस्था ने पुलिस को भी सूचित किया है। उनका कहना है कि रोजगार के नाम पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। यदि अतिक्रमण का मुद्दा है, तो प्रशासन को पूरे क्षेत्र में समान रूप से कार्रवाई करनी चाहिए।
सामाजिक संस्था ने स्पष्ट किया कि मेहनत से रोजगार करने वालों को बिना किसी भेदभाव के काम करने का अधिकार है। किसी का नाम या धर्म देखकर उसे काम से हटाना न तो संविधान की भावना के अनुरूप है और न ही मानवता के।
धरना देने की चेतावनी उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि समीर या उनके पिता के साथ जबरदस्ती की गई तो वे अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर शिव चौक पर शांतिपूर्ण धरना देंगे। इसके अलावा उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित की बात सुनी जाए और सुरक्षा दी जाए।पीड़ित को रोज़गार से न हटाया जाए, क्योंकि यह परिवार वर्षों से मेहनत करके अपना पेट पाल रहा है।











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