मेरठ। दिल्ली रोड पर रैपिड रेल कॉरिडोर का निर्माण अपने आखिरी चरणों में है। इसी सिलसिले में, ज़िला प्रशासन जगदीश मंडप के दोनों तरफ 70 दुकानों को गिराने की तैयारी कर रहा है। इस बीच, जॉइंट ट्रेडर्स एसोसिएशन ने मौजूदा सर्कल रेट के आधार पर चार गुना मुआवज़े की मांग की है। हालांकि, जॉइंट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अधिकारियों का कहना है कि ज़िला प्रशासन ने हर दुकान मालिक को 1.50 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर और 5 लाख रुपये मुआवज़े के तौर पर, ब्याज के साथ देने की तैयारी की है।
संयुक्त व्यापर संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता ने व्यापारियों का पक्ष लेते हुए दावा किया कि 11 दिसंबर को जिलाधिकारी ने बैठक बुलाई है। इसमें व्यापारी अपना पक्ष रखेंगे। सभी विषयों पर चर्चा की जाएगी। संयुक्त व्यापार व्यापार संघ महामंत्री दलजीत सिंह ने कहा कि बड़ी संख्या में व्यापारी मुआवजे से वंचित हैं। यह लोग बार बार विभिन्न अधिकारियों के पास जा रहे हैं लेकिन मजबूत जवाब नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में जरूरी है प्रशासन स्तर पर सही बात सामने रखी जाए। उन्होंने कहा कि 30 प्रतिशत भूखंडों का खसरा भी प्रशासन के पास नहीं है।
संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि आज का जो सर्कल रेट है, उसके हिसाब से मुआवजा दिया जाना चाहिए। पूर्व दो साल पूर्व भेजे गए नोटिस को आधार बनाना अनुचित है। 5 लाख क्षतिपूर्ति के अपर्याप्त है। इसको भी चार गुना किया जाए।
व्यापारी नेता तरुण गुप्ता ने कहा कि आज हम विकास की बात कर रहे हैं। ऐसे में हमें किसी को भी पीछे नहीं छोड़ना चाहिए। अगर किसी का अहित हुआ तो विकास अधूरा हो जाएगा। यह मुआवजा आगामी सोच के सामने मामूली है।











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