मुजफ्फरनगर। चौधरी छोटू राम डिग्री कॉलेज के बीएससी बायो 6th सेमेस्टर की एक छात्रा से अश्लील चैट, छेड़खानी और अनैतिक दबाव बनाने के आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर दुष्यंत कुमार की जमानत याचिका सीजेएम अदालत ने सोमवार को खारिज कर दी। मामले में पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके चलते पुलिस ने आरोप पत्र में बीएनएस की धारा 64 और 62 भी जोड़ी हैं।
अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञान कुमार एडवोकेट ने जोरदार विरोध करते हुए दुष्यंत कुमार को जमानत न देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह अपराध इतना घृणित और शर्मनाक है, मानो कोई बाप अपनी पुत्री पर बुरी नजर रखे। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे मामलों में त्वरित जमानत दी जाने लगी तो समाज में अपराधियों का दुस्साहस और बढ़ेगा।
ज्ञान कुमार ने कहा कि आरोपी ने छात्रा पर अनैतिक दबाव डाला और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। साथ ही, पीड़िता के बयान भी अदालत में कराए गए, जिनमें उसने आपबीती सुनाई। पुलिस ने अब तक आरोपी पर बीएनएस की धारा 75, 351, 352 के अतिरिक्त 64 और 62 की धाराएं भी बढ़ाई हैं, जिससे मामला और अधिक गंभीर हो गया है।
अब आरोपी प्रोफेसर दुष्यंत कुमार जिला जज की अदालत में जमानत के लिए अर्जी देंगे। इस पर भी अधिवक्ता ज्ञान कुमार ने कहा कि वे वहां भी जमानत का विरोध करेंगे। उन्होंने दावा किया कि पीड़िता पर तरह-तरह के दबाव बनाए जा रहे हैं और यदि किसी ने डराने-धमकाने या प्रलोभन देने की कोशिश की, तो उसके विरुद्ध अलग से वाद दर्ज कराया जाएगा।











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