मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तूफान, बारिश और ओलावृष्टि को देखते हुए संबंधित जिलों के अधिकारियों को पूरी मुस्तैदी से राहत कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण कर सर्वे करें तथा राहत कार्य पर नज़र रखें। आकाशीय बिजली, आंधी तूफान, बारिश आदि आपदा से जनहानि और पशुहानि होने की स्थिति में तत्काल प्रभावितों को राहत राशि का वितरण करें। घायलों का समुचित उपचार कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि अधिकारीगण सर्वे कराकर फसल नुकसान का आकलन करते हुए आख्या शासन को भेजें, ताकि इस सम्बन्ध में आगे की कार्यवाही की जा सके। उन्होंने निर्देशित किया कि जल जमाव की स्थिति होने पर प्राथमिकता पर जल निकासी की व्यवस्था कराई जाए।
पूरे प्रदेश में बुधवार को बिगड़े मौसम ने कई लोगों की जान ले ली। कई लोग आंधी में पेड़ गिरने या टिन शेड की वजह से घायल हो गए। पश्चिम यूपी में सबसे ज्यादा प्रभाव दिल्ली से सटे जिलों में रहा। आंधी-बारिश से जहां तापमान में गिरावट दर्ज की गई तो वहीं आम की फसल को नुकसान होने का अनुमान है। प्रदेश में अलग-अलग जिलों में कुल 19 लोगों के मारे जाने की खबर है।
प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर एवं आसपास के इलाकों में।











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