कैराना। कांधला रोड स्थित पेट्रोल पंप को लेकर विवाद बढ़ गया है। पंप के दो पार्टनरों ने संचालक रिजवान कुरैशी, उसकी पत्नी तसमीम जहां और मुजफ्फरनगर निवासी शहजाद के खिलाफ 35.62 लाख रुपये हड़पने, प्लाट पर जबरन कब्जा करने और किराया न देने का आरोप लगाते हुए थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। एसपी शामली रामसेवक गौतम के आदेश पर पुलिस ने कई धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित मोहल्ला अंसारियान निवासी शाहिद व मोहम्मद नौशाद ने बताया कि उन्होंने खसरा संख्या 983 में स्थित प्लाट संख्या 924 अपने नाम बैनामा कराया था। इसके बाद उन्होंने पेट्रोल पंप को लेकर रिजवान कुरैशी, उसकी पत्नी और शहजाद से साझेदारी की थी और 35.62 लाख रुपये निवेश किए। इनमें से 15 लाख रुपये नकद दिए गए, बाकी रकम रिजवान व उसकी पत्नी के खातों में ट्रांसफर की गई।
आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने धोखे से किरायानामा रजिस्टर्ड करवा लिया और पिछले पांच वर्षों से न तो किराया दिया और न ही दी गई रकम लौटाई। आरोपियों ने जबरन कब्जा करके पेट्रोल पंप को अपने नाम से चला रखा है। पैसे और जमीन को लेकर बात करने पर उन्हें डराया-धमकाया जाता है और कहा जाता है कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
पीड़ितों का कहना है कि पहले स्थानीय पुलिस में शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब एसपी के आदेश पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(2), 329(3) व 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पेट्रोल पंप संचालक रिजवान कुरैशी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि यह मामला झूठा है और उनकी छवि को खराब करने के उद्देश्य से उछाला जा रहा है।
रिजवान कुरैशी कैराना नगर पालिका परिषद के वार्ड संख्या 10 से दो बार सभासद रह चुके हैं और वर्तमान में उनके भाई हारुण कुरैशी उसी वार्ड से सभासद हैं। दोनों भाइयों के समाजवादी पार्टी के बड़े नेताओं से अच्छे संबंध बताए जाते हैं। यही वजह है कि पीड़ितों का आरोप है कि वे रसूख के दम पर अब तक बचते रहे हैं।











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