शामली। शहर के बलवा चौराहे पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और उससे हो रही जनहानि को लेकर लंबे समय से जनता में आक्रोश था, लेकिन अब इस समस्या के समाधान की दिशा में बड़ी पहल होती दिखाई दे रही है। कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन द्वारा संसद में उठाए गए सवाल का असर अब केंद्र सरकार तक पहुंच गया है।
सांसद इकरा हसन ने 11 अगस्त को संसद सत्र के दौरान बलवा चौराहे पर आये दिन हो रहे हादसों का मुद्दा जोरशोर से उठाया था। उन्होंने बताया था कि यह चौराहा न केवल शामली बल्कि आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए जानलेवा बन चुका है। यह चौराहा पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग और दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग के जंक्शन पर स्थित है, जो दुर्घटनाओं का “डार्क स्पॉट” बन गया है।
इकरा हसन ने केंद्र सरकार से आग्रह किया था कि यहां पर या तो ओवरब्रिज बने या फिर अंडरपास, ताकि लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर विराम लग सके। सांसद की इस मांग को केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा ने गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
मंत्री ने सांसद को पत्राचार के माध्यम से जानकारी दी है कि बलवा चौराहे पर ग्रेड सेपरेटर (Grade Separator) निर्माण की संभावनाओं पर तकनीकी रूप से जांच की जाएगी, जिसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
यह खबर न केवल शामली जिले के लिए राहत की बात है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जब जनप्रतिनिधि जनता की आवाज़ को संसद तक पहुंचाते हैं, तो उसका असर जरूर होता है।
अब देखना यह है कि तकनीकी जांच के बाद निर्माण कार्य कब शुरू होता है और कब तक यह डार्क स्पॉट सुरक्षित यातायात का मार्ग बन पाता है।











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