उग्र ग्रह मंगल और केतु बेहद अशुभ स्थिति में हैं. केतु सिंह राशि में हैं और मंगल भी सिंह राशि में हैं. मंगल केतु की युति का कहर युद्ध, हिंसा, विमान हादसे, लैंडस्लाइड आदि के रूप में पूरी दुनिया ने झेला. लेकिन अब अगले 7 दिन और भी खतरनाक रहने वाले हैं.
28 जुलाई तक का समय संकटपूर्ण
दरअसल, 21 जुलाई से 28 जुलाई तक मंगल, केतु के ऊपर से गोचर करेंगे जो और भी खतरनाक स्थिति है. ऐसे में इस दौरान ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है. 28 जुलाई को जब मंगल गोचर करके कन्या राशि में प्रवेश करेंगे तब ये युति टूटेगी और लोगों को कुछ राहत मिलेगी.
शनि भी क्रूर
मंगल-केतु, शनि के साथ मिलकर षडाष्टक योग भी बना रहे हैं. जिससे यह युति भीषण नतीजे दे रही है. क्रूर ग्रह शनि इस समय वक्री स्थिति में हैं. जिससे उनका असर अब कुछ कम है.
4 राशियों पर बुरा असर
मंगल केतु की अशुभ युति 4 राशि वालों के लिए विशेष तौर पर नकारात्मक कही जा सकती है. ये राशियां हैं मेष, सिंह, कन्या और मीन. 28 जुलाई तक का समय इन जातकों के करियर पर अशुभ असर डाल सकता है. लिहाजा अपना काम पूरी ईमानदारी से करें.
एक्सीडेंट, करियर पर संकट
जिन लोगों की कुंडली में मंगल, राहु और केतु की स्थिति अशुभ है, उन्हें विशेष तौर पर सावधान रहने की जरूतर है. इन लोगों के वैवाहिक जीवन में समस्या हो सकती है. किसी से विवाद हो सकता है. आर्थिक नुकसान हो सकता है. करियर पर संकट आ सकता है.
रखें सावधानी
इस समय यात्रा टालें, वाहन संभलकर चलाएं. चूंकि केतु धर्म-कर्म के कारक हैं, लिहाजा इस समय धार्मिक स्थलों पर भगदड़ होने या कोई आपदा आने के योग हैं. हाल ही में जगन्नाथ यात्रा में हुई भगदड़ का उदाहरण हमने देखा है. साथ ही इस समय में बड़े निर्णय ना लें. आतंकी हमले या विस्फोट होने जैसे योग भी हैं.











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