शामली। भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम की घोषणा के बाद भी देशभक्ति की भावना में कोई कमी नहीं आई। हालांकि शामली जिले में भारतीय सेना के समर्थन में प्रस्तावित भारतीय शौर्य तिरंगा यात्रा स्थगित कर दी गई, लेकिन युवाओं, बुजुर्गों और स्वयंसेवी संगठनों का उत्साह बरकरार रहा।
रविवार को बड़ी संख्या में लोग तय स्थान किसान डिग्री कॉलेज परिसर पर पहुंचे और भारतीय सेना के प्रति अपना अटूट समर्थन प्रकट किया। लोगों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘भारतीय सेना जिंदाबाद’ जैसे गगनभेदी नारे लगाए।
प्रशासन ने पहले से यात्रा की सभी तैयारियां कर ली थीं। लेकिन जैसे ही पाकिस्तान द्वारा फिर से सीजफायर का उल्लंघन कर युद्ध जैसी स्थिति बना दी गई, जिला प्रशासन ने ऐहतियातन यात्रा को स्थगित करने का निर्णय लिया। इसके बावजूद, क्षेत्र के युवाओं, बुजुर्गों और जिला आपदा प्रबंधन टीम के सदस्यों में सेना के प्रति जोश और समर्थन का स्तर देखते ही बनता था।
स्थानीय लोगों ने स्पष्ट कहा कि वे तन-मन-धन से देश और सेना के साथ हैं। कुछ युवाओं ने कहा, “पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा। लेकिन इस बार प्रधानमंत्री मोदी और हमारी सेना उसे मुंहतोड़ जवाब देने में पीछे नहीं हटेगी।”
लोगों ने अपील की कि शांति बनाए रखना ज़रूरी है, लेकिन राष्ट्र की गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने आशा जताई कि सेना को खुली छूट दी जाए ताकि बार-बार की सीमापार उकसावे की घटनाओं पर हमेशा के लिए विराम लगाया जा सके।











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