संभल : उत्तर प्रदेश में संभल की धनारी पुलिस ने तंत्र क्रिया के नाम पर युवतियों के शोषण के मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। तंत्र क्रिया के दौरान लड़कियों के प्राइवेट पार्ट की पूजा की जाती थी।
संभल के धनारी में धनवर्षा के नाम पर लड़कियों का शारीरिक शोषण करने वाले तांत्रिक गिरोह मामले में ऑडियो से पुलिस को कुछ सुराग मिले हैं। मामले में अब तक आगरा के बुलंदशहर, संभल, एटा, फिरोजाबाद और आगरा के 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को गिरोह के कई और सदस्यों की तलाश है।
पुलिस को गिरफ्तार गिरोह के सदस्यों के मोबाइल फोन से 42 से ज्यादा लड़कियों के फोटो मिले हैं। हैरान कर देने वाली बात यह है कि पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो मथुरा की एक निजी यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर था। आरोपी प्रोफेसर युवतियों की सप्लाई करने में अहम किरदार निभाता था।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के सदस्य अपने गिरोह को कोड भाषा में मीडिया कहते हैं। यह गिरोह तंत्र क्रिया कर घर में नोटों की बारिश होने का झांसा देकर भोले भाले लोगों को झांसा देता है और उनको प्रलोभन देकर लड़कियों और लड़कों का शोषण करता है। धन वर्षा तांत्रिक क्रिया एक ऐसी तांत्रिक पद्धति है जिसमें किसी दुर्लभ सामान के ऊपर कारीगर या गुरु या डीआर (कोड नेम) के द्वारा किसी विशेष दिनों में पूजा करने से धन की वर्षा होती है।
पुलिस के मुताबिक यह गिरोह किसी भी वस्तु को पूजा के लिए विशेष या दुर्लभ वस्तु बताकर भ्रम फैलाता है। यह दुर्लभ सामान कोई भी वस्तु हो सकती है। जैसे 20 नख का कछुआ, दो मुंह का सांप, विशेष प्रजाति का उल्लू, विशेष सीरियल नंबर के नोट, पुराने सिक्के और नव युवतियां और नवयुवक। गिरोह यह भ्रम फैलाता है कि सबसे ज्यादा नोटों की वर्षा लड़की के ऊपर तंत्र क्रिया करने पर होती है।
जिसे यह आरोपी कोड भाषा में टमाटर, टीटी या आर्टिकल या सामान कहते हैं। गिरोह के सदस्य झांसा देते हैं कि तंत्र क्रिया के लिए युवती कुंवारी हो, लंबाई 5 फीट 5 इंच से अधिक, शरीर पर कोई कटे-जले व टैटू गोदना का निशान नहीं, कोई ऑपरेशन नहीं, किसी जानवर ने काटा नहीं हो। यह नोटों की बारिश करवाने के लिए एक गुरु या कारीगर (कोड नाम) होता है। जो तंत्र क्रिया करता है। यह लोग गरीब परिवार को निशाना बनाते हैं और उन्हें प्रलोभन देते हैं कि उनकी लड़की विशेष गुण संपन्न है, जिस पर तंत्र क्रिया करने से घर में नोटों की बारिश होगी।
तंत्र क्रिया करने से पहले गुरु या कारीगर (कोड नाम) लड़की का वीडियो बनवाता है। उसके हाथ में एक कागज देकर एक फोटो खींची जाती है। इसके अलावा अन्य चीजें भी देखी जाती हैं। इसके बाद गिरोह के सदस्य लड़की को गुरु कारीगर के पास लेकर जाते हैं, जो की एकांत में लड़की पर तंत्र क्रिया का नाटक करता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तंत्र क्रिया के दौरान लड़कियों के प्राइवेट पार्ट की पूजा की जाती थी। लंबी लड़कियों की डिमांड अधिक रहती है।
इसमें तांत्रिक लड़की को अचेत करते हुए दैवी शक्ति का भय दिखाकर संबंध बनाते हैं। पुलिस का दावा है कि ऐसे कई प्रमाण इस गिरोह के सदस्यों के मोबाइल से प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार पीड़ित राजपाल की भी यही विशेषता थी कि वह उल्टा पैदा हुआ था और किसी भी जानवर कुत्ते या बंदर के द्वारा काटा नहीं गया था। आरोपी रिंकू व अजय को पांच लाख का प्रलोभन दिया गया था।
पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी दशरथ सिंह ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है और कम समय में अमीर बनने के लालच की वजह से धनवर्षा गिरोह से जुड़ा था। धनवर्षा के बनाए गए वीडियो को देखकर उसको लालच आ गया था।
बता दें कि 21 मार्च को थाना धनारी क्षेत्र के गांव बमनपुरी के रहने वाले राजपाल ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसकी मां की कमर में दर्ज था। 11 मार्च को वह मां का तंत्रमंत्र से इलाज करवाने के तिलए गांव के ही लाखन व रिंकू से मिला था। पुलिस के अनुसार, लाखन गिरोह का सरगना था। इसके बाद लाखन, रिंकू, अजय सिंह व दुर्जन, राजपाल को नरौरा ले गए। जहां वह लोग जिला एटा में संतोष व शिवम के साथ जबरन आगरा में अज्ञात जगह पर ले गए।
वहां से जैसे तैसे निकलकर दो दिन बाद राजपाल अपने घर पहुंचा और पुलिस को जानकारी दी। मामले में थाना पुलिस ने बीएनएस की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी थी। विवेचना के दौरान जब नामजद रिंकू, अजय, संतोष, दुर्जन आदि से पूछताछ की गई व उनके मोबाइल खंगाले तो पाया गया कि ये सभी अभियुक्त अंतरराज्यीय धनवर्षा ठगी गिरोह के सदस्य हैं।
जो तंत्र क्रिया के माध्यम से धन वर्षा (नोटों की बारिश) का झांसा देकर भोले भाले गरीब परिवार की लड़कियों व लड़कों की तस्करी कर यौन शोषण करते है और वन्य जीव की तस्करी भी करते हैं। इस मामले में 28 मार्च को पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि गिरफ्तार डीएन त्रिपाठी जो न्यायिक हिरासत में है के मोबाइल से कई ऑडियो रिकॉर्डिंग प्राप्त हुई थीं। जिसमें लड़की को लाकर तांत्रिक द्वारा काम कराने की बात हो रही थी। डीएन त्रिपाठी ने पुलिस को बताया था कि यह बातचीत मथुरा निवासी डीएस सिसोदिया से हो रही थी।
विवेचना के क्रम में पुलिस ने मथुरा की शास्त्रीनगर कॉलोनी निवासी दशरथ सिंह उर्फ डीएस सिसौदिया को जब पूछताछ के लिए बुलाया गया तो दशरथ सिंह के मोबाइल से भी अन्य अभियुक्तों की तरह कई लड़कियों के वीडियो, फोटो व धनवर्षा गैंग के कोड वर्ड में बातचीत की चैट इत्यादि दिखीं।
दशरथ सिंह से जब इन सबके बारे में पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह भी धनवर्षा तांत्रिक क्रिया में विश्वास रखता है और वह लगभग तीन वर्ष से इस गिरोह से जुड़ा हुआ है। वह भी यौन शोषण के लिए लड़कियों को सप्लाई करने का कार्य करता था। आरोपी धनवर्षा गैंग में लड़कियों को तांत्रिक गुरू तक पहुंचाने का कार्य करता था। आरोपी प्रोफेसर के द्वारा पांच फीट छह इंच लंबाई वाली लड़कियों की पूरी डिटेल फॉर्म में भरवाता था।
पुलिस ने तंत्र क्रिया के नाम पर धनवर्षा (नोटों की बारिश) का झांसा देने और इसकी आड़ में मानव तस्करी करने वाले गिरोह के एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी दशरथ ने खुद को मथुरा की एक निजी यूनिवर्सिटी में लाइब्रेरी व इन्फोरमेशन साइंस का प्रोफेसर बताता है। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने प्रेस वार्ता में इसका खुलासा किया है।
धनारी पुलिस ने धन वर्षा यानी नोटों की बारिश के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। ये गिरोह भोले भाले गरीब परिवार की लड़कियों पर तंत्र क्रिया करने के नाम पर शोषण करता है। मानव व विशेष वन्य जीवों की तस्करी करता है। गिरोह के 15 सदस्य गिरफ्तार किए हैं। इनसे तांत्रिक क्रिया का सामान समेत वन्य जीव बरामद किए गए हैं। – कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी संभल











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