शामली। राज्य सरकार के “भ्रष्टाचार मुक्त उत्तर प्रदेश” के दावों को शामली जिले में एक बार फिर चुनौती मिलती नजर आई, जब स्वयं सहायता समूह की दर्जनों महिलाएं डूडा (DUDA) विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन करने कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचीं। महिलाओं ने विभाग के अधिकारियों पर खुलेआम रिश्वतखोरी, अवैध उगाही और मनमानी का आरोप लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया।
आक्रोशित महिलाओं ने डूडा विभाग के सचिव एवं अन्य कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा, जिसमें भ्रष्ट अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित करने की मांग की गई है। महिलाओं का कहना है कि डूडा विभाग द्वारा उनके खातों में भेजी जा रही सरकारी सहायता राशि में से जबरन आधा पैसा मांगा जा रहा है।
यह पूरा मामला थाना आदर्श मंडी क्षेत्र के कस्बा बनत स्थित डूडा कार्यालय का है, जहां सरकारी योजनाओं के नाम पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से पैसे वसूले जा रहे हैं। पीड़ित महिलाओं ने आरोप लगाया कि ₹10,000 की सरकारी सहायता मिलने पर अधिकारी ₹5000 की मांग करते हैं। यही नहीं, मजदूरों के रजिस्ट्रेशन, प्रशिक्षण और अन्य विभागीय कामों के लिए भी रिश्वत ली जाती है।
महिलाओं ने यह भी बताया कि कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे हैं, जिससे पारदर्शिता पूरी तरह नदारद है। कई बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे तंग आकर उन्होंने यह कदम उठाया।
उप जिलाधिकारी (न्यायिक) हामिद हुसैन ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा डूडा विभाग के सचिव व अन्य कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच के आदेश दिए जा चुके हैं और जांच के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।











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