मेरठ। इंचौली क्षेत्र के आठ गांवों में जहरखुरानों के गिरोह ने इंजेक्शन लगाकर एक दर्जन पशुओं को मार डाला। साधारणपुर गांव में एक गाड़ी में मृत पशु उठाने आए दो युवकों पर ग्रामीणों को शक हुआ। इनमें से एक युवक भाग गया। फरमान को पकड़कर पीटा गया तो उसने पूरी सच्चाई बता दी। तीन घंटे तक जमकर हंगामा हुआ। पुलिस किसी तरह आरोपी को बचाकर ले गई।
पिछले तीन दिनों में इंचौली थाना क्षेत्र के गांव फिटकरी, कुनकुरा, नंगला शेखू, इंचौली, तोफापुर, मैथना सहित आठ गांवों में मवेशियों की मौत हो रही थी। शनिवार शाम से रात तक करीब पांच और पशुओं की मौत हो गई। रविवार सुबह साधारणपुर गांव में मरी हुई भैंस को पिकअप गाड़ी से उठाने फरमान और उसका साथी पहुंचे।
वहां ग्रामीणों को शक हुआ और पूछताछ की, तो एक युवक भाग निकला। ग्रामीणों का कहना है कि एक युवक फरमान को पकड़कर पीटा तो उसने सच उगलना शुरू कर दिया। उसने बताया कि अपने साथियों के साथ मिलकर वह मवेशियों को जहर के इंजेक्शन लगाते थे। कुछ घंटों में पशु की मौत हो जाती थी। वे मेरे हुए मवेशियों को भावनपुर के हसनपुर में तालाब के पास ले जाकर काट देते थे। ग्रामीणों का आरोप है कि मरे हुए मवेशियों का मांस होटलों पर सप्लाई किया जा रहा था।
ग्रामीणों ने फरमान को पानी पिलाया और फिर पीटना शुरू कर दिया। उसे एक कमरे में बंद कर दिया। सूचना पर इंचौली थाने से एसआई तीरथ सिंह व अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोपी को सौंपने से मना कर दिया। मौके पर एसडीएम को बुलाने की मांग करने लगे और कहा कि हमें पशुओं का मुआवजा चाहिए। काफी समझाने के बाद ग्रामीणों ने आरोपी को पुलिस को सौंपा।
इस मामले में आठ गांवों के ग्रामीणों ने एकसाथ इंचौली थाने पर तहरीर दी। सीओ सदर देहात शिव प्रताप सिंह ने बताया कि एक आरोपी को ग्रामीणों ने सौंपा है। मामले को जांच की जा रही है। तहरीर के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।











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