लखनऊ : भीम आर्मी चीफ और नगीना लोकसभा से सांसद चंद्रशेखर आजाद इन दिनों विवादों में हैं. रोहिणी घावरी ने उनके खिलाफ गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. रोहिणी का आरोप है कि भीम आर्मी चीफ और सांसद चंद्रशेखर ने उनका शोषण किया है. उनका ये भी आरोप है कि चंद्रशेखर ने सिर्फ उनका ही नहीं बल्कि कई लड़कियों का भी शोषण किया है. रोहिणी का आरोप है कि चंद्रशेखर के साथ वह डीप रिलेशन में थी. मगर उन्हें ये भी पता था कि वह शादीशुदा हैं.
बता दें कि रोहिणी घावरी के आरोपों को लेकर चंद्रशेखर घिरे हुए हैं. इसी बीच अब भाजपा के पूर्व सांसद और बाहुबली बृजभूषण शरण सिंह ने भी इस मामले में बयान दिया है और चंद्रशेखर पर हमला बोला है. भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि चंद्रशेखर के खिलाफ केस दर्ज किया जाना चाहिए और मामले की जांच होनी चाहिए.
भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भीम आर्मी चीफ और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को निशाने पर लेते हुए कहा, जब मेरे ऊपर आरोप लगे थे तो इन सांसद (चंद्रशेखर आजाद) ने कहा था कि अगर समाज मुझे इजाजत दे तो वह मुझे घसीटकर ले जाए. आज मैं उनसे पूछना चाहता हूं. मेरे ऊपर तो केस दर्ज हो गया. मैं कोर्ट का सामना कर रहा हूं. दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. मगर आज तुम्हारा बल कहां गया?
भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने आगे कहा, आज में उन सांसद (चंद्रशेखर आजाद) से पूछना चाहता हूं कि आज वो बल तुम्हारा कहां गया? आज दलित की बेटी का सवाल है. उस समय जाट की बेटी का सवाल था. क्या अब वह सांसद मीडिया के सामने अपना मुंह खोलेंगे. बेटी आरोप लगा रही है. उसका जवाब उनको देना चाहिए या नहीं.
बृजभूषण शरण सिंह ने इस दौरान विपक्षी दलों की चुप्पी पर भी सवाल उठाएं. उन्होंने कहा, आज कांग्रेस, किसान नेता, आम आदमी पार्टी, ममता बनर्जी, अशोक गहलोत चुप क्यों हैं? इस मामले पर चुप्पी क्यों साध रखी है? क्या इस सांसद पर केस नहीं बनता? ये दलित की बेटा का सवाल है. सरकार को भी इस मामले पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए.
भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने नगीना सांसद चंद्रशेखर को घेरते हुए कहा, मैं ये नहीं कहता कि उनको फांसी हो जाए. मगर मामले की जांच तो की जाए. दलित की बेटी की आवाज बंद नहीं होनी चाहिए. उसे इंसाफ मिलना चाहिए. बेटी हर बात का प्रमाण दे रही है. आज दलित की बेटी का सवाल है. कमजोर वर्ग से आने वाली बेटी का सवाल है. सरकार को ये बात गंभीरता से लेनी चाहिए. सरकार को भी चुप नहीं रहना चाहिए.
बृजभूषण शरण सिंह ने इस दौरान ये भी कहा कि अगर पीड़ित बेटी किसी और समाज की होती तो अब तक उसे खूब गालियां पड़ गई होतीं. मगर बेटी भी उसी समाज की है. मगर इसके लिए कोई बोलने के लिए तैयार नहीं है.










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