मुजफ्फरनगर। सुहागिनों के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण पर्व करवा चौथ को लेकर गुरुवार को मुजफ्फरनगर शहर के बाजारों में जबरदस्त और ऐतिहासिक रौनक देखने को मिली। त्योहार को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखा गया, जिसके कारण बाजारों में साज-सज्जा, मेहंदी और श्रृंगार के सामान की खरीदारी के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
भीड़ नियंत्रण के लिए ‘वनवे’ सिस्टम लागू-
महिलाओं की इस उमड़ी भीड़ को देखते हुए शहर के प्रमुख बाजारों और चौराहों पर प्रशासन को यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव करना पड़ा। शहर के सबसे व्यस्ततम इलाके शिव चौक, झांसी की रानी, सदर बाजार, भगत सिंह रोड और रूड़की रोड को देखते हुए यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए इन क्षेत्रों को ‘वनवे’ कर दिया गया। सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए कई मार्गों पर अस्थायी बैरिकेडिंग भी लगाई गई।
यातायात निरीक्षक (TSI) राकेश कुमार और उनकी टीम दिनभर मैदान में डटी रही। उन्होंने बताया कि करवा चौथ जैसे त्योहारों पर बाजारों में ज़बरदस्त भीड़ होती है, ऐसे में जाम मुक्त वातावरण सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। ट्रैफिक डायवर्जन की योजना को सफलतापूर्वक लागू किया गया।
श्रृंगार और मेहंदी की लंबी कतारें-
शहर के शिव चौक, झांसी की रानी और सदर बाजार जैसे इलाकों में मेहंदी लगाने के लिए दर्जनों स्टॉल सजे रहे, जहाँ महिलाओं और युवतियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। पारंपरिक लिबास में सजधज कर निकली महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। दुकानदारों ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि इस बार अच्छी ग्राहकी हो रही है। मेहंदी, चूड़ी, साड़ी, श्रृंगार बॉक्स, पूजा की थाली व छलनी की बिक्री में भारी इजाफा हुआ है। दुकानदारों के अनुसार, त्योहार से एक दिन पहले उमड़ी इस भीड़ ने कोरोना काल के बाद पहली बार ‘असली’ त्योहार वाली रौनक लौटाई है।
सुरक्षा और निरीक्षण-
बाजार में सुरक्षा और विशिष्ट व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। वहीं, शिवसेना शिंदे और शिवसेना यूटीबी गुटों के कार्यकर्ता भी बाजारों में भ्रमण पर निकले। इन हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मेहंदी के स्टॉल और ब्यूटी पार्लर आदि का निरीक्षण किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यहाँ कोई भी गैर सम्प्रदाय का युवक या व्यक्ति तो कार्य नहीं कर रहा है।
प्रशासन की ओर से शुक्रवार (करवा चौथ के दिन) को भी बाजारों में यातायात नियंत्रण के विशेष इंतजाम किए जाएंगे, ताकि चंद्रदर्शन के बाद होने वाली पूजा में कोई बाधा न आए। महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए प्रमुख स्थानों पर महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई है।










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