मुज़फ्फरनगर। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने रविवार को एक सम्मान समारोह और चर्चा मंच का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मकसद समुदाय को एकजुट करना, सामाजिक और कानूनी मुद्दों पर खुलकर चर्चा करना और भविष्य की रणनीतियां बनाना था। इस मौके पर वक्ताओं ने SC/ST एक्ट के कथित दुरुपयोग का मुद्दा उठाया और इसमें संशोधन की मांग की।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद, कुंवर हरिवंश सिंह, और राष्ट्रीय महासचिव, राघवेंद्र सिंह राजू की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को खास बना दिया। उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने फोन कॉल पर सभा को संबोधित किया और समाज की सेवा में संगठन के प्रयासों की तारीफ की। संगीत सिंह सोम कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए।
सम्मान समारोह के दौरान, सभी खास मेहमानों को फूलों की माला, शॉल, पगड़ी और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। संगठन के पदाधिकारियों और सक्रिय सदस्यों को भी उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करते हुए प्रशंसा पत्र दिए गए। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे सम्मान समाज में ज़िम्मेदारी और सक्रिय भागीदारी की भावना को मज़बूत करते हैं।
विचार गोष्ठी में संगठन को और मजबूत करने, समाज में एकता बनाए रखने और आने वाले समय में निर्णायक भूमिका निभाने पर जोर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता डॉ. ए. पी. सिंह ने मंच से एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस कानून के नाम पर समाज के एक वर्ग को परेशान किया जा रहा है, जिस पर गंभीर नीति और संवाद की आवश्यकता है। उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग भी उठाई और इसे क्षेत्र की जनता के लिए न्याय से जुड़ा अहम सवाल बताया।
कार्यक्रम के अंतर्गत योग सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। आयोजकों ने कहा कि स्वस्थ शरीर और संतुलित सोच के साथ ही समाज अपने अधिकारों और कर्तव्यों के लिए मजबूती से खड़ा हो सकता है।
कुल मिलाकर, यह आयोजन केवल एक औपचारिक समारोह नहीं रहा, बल्कि क्षत्रिय समाज की एकता, अधिकारों और भविष्य की दिशा को लेकर एक स्पष्ट और मजबूत संदेश देने वाला कार्यक्रम साबित हुआ।










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