मेरठ। मेरठ के सुपरटेक पाम ग्रीन कॉलोनी में मंगलवार सुबह जनरेटर में शॉर्ट सर्किट के चलते भीषण आग लग गई। कुछ देर में आग की लपटे में आसमान को छूना शुरू कर दिया। जनरेटर में आग लगती देख आसपास के लोग घरों से निकलकर बाहर भागे। जनरेटर में आग लगने के कारण लाइट चली गई, जिस कारण लगभग आठ घंटे से अधिक तक 500 से अधिक परिवार प्रभावित रहे।
गर्मी के कारण बच्चों व बुजुर्गों का बुरा हाल हो गया। सूचना मिलने के एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया गया। इस दौरान एक मकान की सीलिंग जल गई। वहीं वाशिंग मशीन में नुकसान हो गया।
परतापुर थाना क्षेत्र के बिजली बंबा बाईपास रोड स्थित सुपरटेक पाम ग्रीन कॉलोनी में 500 से अधिक परिवार रहते हैं। कॉलोनी के डी ब्लॉक में जनरेटर रखे हुए हैं। मंगलवार सुबह लगभग साढ़े छह बजे कॉलोनी की बिजली चली गई थी। इसके बाद जनरेटर से सप्लाई चालू की गई थी। लगभग आधे घंटे बाद अचानक से शॉर्ट सर्किट के चलते जनरेटर में आग लग गई। जनरेटर में आग लगती देख आसपास के लोग बाहर की तरफ दौड़े।
लोगों ने पानी व रेत डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। इसके बाद आसपास के लोग घरों से निकलकर लगभग 100 मीटर की दूरी पर खड़े हो गए। इस दौरान आग ने आसपास की खड़ी जंगली झाड़ियां ने भी आग पकड़ ली। आसमान में चारों तरफ धुआं दिखाई दे रहा था।
धुएं के कारण लोगों को सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी। सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। सूचना मिलने के घंटे बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी घटनास्थल पर आई। जिसके बाद फायर ब्रिगेड ने किसी तरह आग पर काबू पाया। लेकिन जब तक जनरेटर पूरी तरह जल चुका था। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि आग लगने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
स्थानीय निवासी मीनू अग्रवाल, चेतन महेश्वरी, राखी मदन सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि जनरेटर से उठ रही लपटों को देखकर वह पूरी तरह घबरा गए। घर से बाहर निकलने का भी समय नहीं मिल पा रहा था। क्योंकि आग की लपटे बहुत तेज थी। स्थानीय लोगों के अनुसार उन्होंने मौत को बहुत करीब से देखा। उनका कहना है कि उन्हें आग के साथ जनरेटर फटने का भी डर सता रहा था।
सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की दो गाड़ी सुपरटेक पाम ग्रीन कॉलोनी पहुंची। लेकिन कॉलोनी के अंदर गली छोटे होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ी घटनास्थल पर नहीं पहुंच सकी। जिसके बाद गाड़ी को कॉलोनी के गेट पर ही खड़ा कर दिया गया। जिसके बाद पाइप जोड़कर आग को बुझाने का काम किया गया।
जनरेटर में आग लगने के बाद बिजली की मुख्य लाइन में भी आग लग गई। जिससे कॉलोनी के लगभग आठ घंटे तक बिजली गुल रही। गर्मी के कारण छोटे बच्चों व बुजुर्गों का बुरा हाल हो गया। बिजली न होने के कारण तीसरी मंजिल से लोग अपने घरों से बाहर निकलकर नीचे आकर बैठ गए। बिजली न होने के कारण लोगों को 11 मंजिल से पैदल ही ऊपर नीचे जाना पड़ा। जिस कारण लोगों की हालत बिगड़ गई।











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