नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राजनीतिक दलों से अपने बर्ताव पर नियंत्रण रखने का आह्वान किया। बिरला ने कहा कि संसद के अंदर और बाहर सांसदों की भाषा गरिमामय होनी चाहिए।
लोकसभा स्पीकर ने सांसदों को लताड़ लगाते हुए कहा कि सदन में विपक्ष का आचरण लोकतंत्र के मूल्यों के अनुरूप नहीं रहा। ये संसद की गरिमा के अनुसार नहीं है। देश की जनता देख रही है कि किस तरह से अहम मुद्दों पर चर्चा को बाधित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस सत्र में 419 सवाल किए गए, जिसमें से सिर्फ 55 के मौखिक उत्तर दिए जा सके। पूरे सत्र के दौरान चर्चा का समय 120 घंटे निर्धारित किया गया था, लेकिन 37 घंटे ही चर्चा हो सकी। लोकसभा में 12 विधेयक पारित हुए।











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