नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भले ही कांग्रेस के पास आज सत्ता कम हो, लेकिन उसकी वैचारिक रीढ़ आज भी सीधी है। खरगे ने भाजपा की ‘तोड़ने वाली’ राजनीति के सामने कांग्रेस की ‘जोड़ने वाली’ विचारधारा को मजबूती से रखा।
संबोधन की प्रमुख बातें-
सत्ता बनाम सच्चाई: खरगे ने कहा, “जो लोग कांग्रेस के खत्म होने का सपना देख रहे हैं, उनकी मुराद कभी पूरी नहीं होगी। हमारे पास सत्ता नहीं है, लेकिन हम संविधान, धर्मनिरपेक्षता और गरीबों के हक के लिए कोई सौदा नहीं करेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास सत्ता तो है, पर सच्चाई नहीं।
तोड़ने और जोड़ने की राजनीति: कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा धर्म को राजनीति बनाकर देश को तोड़ती है, जबकि कांग्रेस धर्म को व्यक्तिगत आस्था मानकर लोगों को जोड़ती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज जो लोग इतिहास पर भाषण दे रहे हैं, उनके पूर्वज इतिहास से भाग रहे थे।
आंकड़ों और संविधान पर हमला: उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए कभी जनगणना रोकी जाती है, तो कभी संविधान बदलने की बातें होती हैं।
ऐतिहासिक गौरव (2025-2026): खरगे ने याद दिलाया कि 2025 महात्मा गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने की शताब्दी और संविधान की 75वीं वर्षगांठ का वर्ष है। वहीं 2026 सरोजिनी नायडू और ‘झंडा ऊँचा रहे हमारा’ गीत की शताब्दी का वर्ष होगा।
लोकतंत्र की ताकत: उन्होंने गौरव के साथ कहा कि 1947 के आसपास आजाद हुए कई देश तानाशाही की भेंट चढ़ गए, लेकिन कांग्रेस के महान नेताओं के कारण भारत आज भी दुनिया का सबसे बड़ा और जीवंत लोकतंत्र है।











Discussion about this post