नई दिल्ली/सहारनपुर। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा देश में ‘हिंदू-मुस्लिम विवाद’ के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराने पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने पलटवार करते हुए इतिहास के पन्नों से भाजपा और आरएसएस को घेरा है। उन्होंने कहा कि आज देशभक्ति की बात करने वाले लोग कभी मुस्लिम लीग के साथ मिलकर सरकार चला रहे थे।
इतिहास को लेकर मसूद के तीखे सवाल-
टू-नेशन थ्योरी: “दो राष्ट्र की थ्योरी सावरकर ने दी थी। मुस्लिम लीग के साथ मिलकर सत्ता का सुख भोगने वाले लोग आज कांग्रेस को जिम्मेदार बता रहे हैं। अगर बंटवारा न होता, तो भाजपा की यह नफरती विचारधारा कभी नहीं पनपती।”
तिरंगा और वंदे मातरम: “1925 में संघ बना, लेकिन 1947 तक उन्हें न तिरंगे की याद आई और न ‘वंदे मातरम’ की। जब कांग्रेस के लोग लाठियां खा रहे थे और शहादत दे रहे थे, तब ये लोग कहाँ थे? सत्तापक्ष का कोई एक नेता बताए जिसने आजादी के लिए एक उंगली भी कटाई हो।”
“सरदार पटेल खत्म कर देते यह विचारधारा”-
मसूद ने कहा कि अगर सरदार वल्लभभाई पटेल को और समय मिला होता, तो वह देश से इस तरह की सांप्रदायिक विचारधारा को हमेशा के लिए खत्म कर देते। उन्होंने कांग्रेस को ‘शहादत देने वालों की पार्टी’ बताया।
बांग्लादेश और बाबरी मस्जिद पर घेरा-
इमरान मसूद ने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी भाजपा को कटघरे में खड़ा किया:
बांग्लादेशी हिंदुओं पर जुल्म: उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ कांग्रेस सबसे तेज आवाज उठा रही है, जबकि भाजपा नेताओं ने “मुंह में दही जमा रखी है”। उन्होंने सरकार से मांग की कि बांग्लादेश के मामले में ठोस कार्रवाई की जाए।
बाबरी मस्जिद विवाद: बंगाल में बाबरी मस्जिद को लेकर गिरिराज सिंह के बयान पर मसूद ने दावा किया कि मस्जिद बनवाने वाला भाजपा का ही कोई नेता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर नफरत फैलाने के लिए ऐसे मुद्दों को हवा देती है।











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