मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में अपने प्रेमी के लिए अपने पिता की हत्या करने वाली फरीदा जेल से छूटने के बाद महक बन गई। उसने लोगों को ठगने के लिए हनी ट्रैप गिरोह बना लिया। इसके बाद उसने रानी और अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर सरकारी कर्मचारी, नेता और व्यापारियों को अपने जाल में फंसा कर उनसे रकम वसूलनी शुरू कर दी। यह गिरोह उम्रदराज और आर्थिक रूप से मजबूत लोगों को अपना शिकार बनाता था।
पुलिस का दावा है कि 25 से 30 लोग इनके चंगुल में फंस चुके हैं।नागफनी के दीवान का बाजार निवासी महक उर्फ फरीदा ने 17 साल पहले कटघर क्षेत्र में अपने प्रेमी के साथ मिलकर पिता की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी।
कटघर पुलिस ने इस मामले में महक उर्फ फरीदा को जेल भेज दिया था लेकिन जमानत मिलने के बाद फरीदा जेल से बाहर आ गई। इसके बाद उसने अपने नाम के साथ ही ठिकाना भी बदल लिया। शहर की पॉश कॉलोनी दीनदयाल नगर में महक बनकर रहने लगी। इसी दौरान इनके संपर्क में सोनू शर्मा, अमन, राधेश्याम और राहुल शर्मा आ गए।
सोनू और अमन ऐसे लोगों की तलाश में रहते थे जो पैसे वाले और उम्रदराज हो। इनके मोबाइल नंबर हासिल करके अमन और सोनू शर्मा महक और उसकी सहेली रानी को उपलब्ध करा देते थे।
इस गिरोह ने बिजली विभाग के एक कर्मचारी को भी फंसाकर उससे रकम वसूली थी। इसी तरह अन्य विभागों को कर्मचारी, व्यापारी और नेता भी इन गिरोह के जाल में फंसकर रकम गंवा चुके हैं।
इस गिरोह के चंगुल में फंसकर अपनी रकम गंवाने वाले लोग वैसे तो सामने नहीं आए हैं लेकिन पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की तो पता चला कि 20 से 30 लोगों को यह गिरोह अपना शिकार बना चुका है। अब पुलिस दोनों महिलाओं और इनके साथियों के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवा रही है जिससे पता चलेगा कि इन्होंने किन किन लोगों से बात और चैट की है।
मुरादाबाद के सिविल लाइंस क्षेत्र में मंगलवार रात फ्लैट में दो महिलाओं ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर 72 वर्षीय सेवानिवृत्त सहकारिता सचिव को फ्लैट में बुलाकर हनी ट्रैप में फंसा लिया। उनसे 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। उन्हें अगवाकर रंगदारी की रकम लेने ठाकुरद्वारा जाते समय पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी महक, रानी, इनके साथी राहुल शर्मा और राधेश्याम को गिरफ्तार कर लिया जबकि इनके साथ अमन और सोनू शर्मा दूसरी कार से भाग गए।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि ठाकुरद्वारा निवासी 72 वर्षीय रूप किशोर शर्मा सहकारिता विभाग में सचिव पद से सेवानिवृत्त हैं। वर्तमान में वह ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं। पांच दिन पहले इनके व्हाट्सएप पर एक महिला ने मैसेज किया और दोस्ती करने का झांसा देकर बातचीत शुरू कर दी। इसके बाद महिला व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल करने लगी।
मंगलवार की शाम आरोपी महिला ने रूप किशोर को मिलने के लिए शहर की दीनदयाल नगर कॉलोनी स्थित एक फ्लैट में बुला लिया। आरोपी महिला उन्हें कमरे में ले गई। इस दौरान पहले से दूसरे कमरे में छिपे महिला के चार साथी और एक महिला भी बाहर आ गईं।
इस बीच रूप किशोर कमरे से बाहर निकले तो उनकी वीडियो बना ली जिसे सोशल मीडिया पर वायरल करने और उन्हें जेल भिजवाने की धमकी दी। जेल जाने से बचने के लिए 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। आरोपियों ने उनसे 50 हजार रुपये भी ले लिए।
पीड़ित ने बाकी रकम बाद में देने के लिए कहा लेकिन आरोपियों को उन पर विश्वास नहीं हुआ। आरोपी उनकी गाड़ी में ही बैठ गए और उन्हें अपने कब्जे में ले लिया। बाकी रकम के लिए आरोपी उन्हें ठाकुरद्वारा ले जाने लगे।
इस दौरान चट्टा पुल के पास कांवड़ यात्रा में लगे पुलिस कर्मियों को देखकर रूप किशोर ने शोर मचा दिया। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर कार रुकवा ली। पुलिस ने कार से नागफनी के दीवान का बाजार निवासी महक उर्फ फरीदा (38), नागफनी के गुलाब का बाग निवासी रानी (28), मंडी में आढ़त पर काम करने वाले मझोला क्षेत्र के एकता कॉलोनी निवासी राहुल शर्मा (30) और मूंढापांडे के चंदनपुर इशापुर निवासी राधेश्याम (30) को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों ने बताया कि दूसरी गाड़ी में इनके साथी अमन और सोनू शर्मा थे। वह मौके से गाड़ी दौड़ाकर भाग गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 40 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं। बुधवार शाम दोनों महिलाओं और इनके दो साथियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।











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