मुजफ्फरनगर। शहर को अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने फिर से कमर कस ली है। इसी क्रम में मंगलवार को नगर मजिस्ट्रेट विकास कश्यप की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में नगर के व्यापारियों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्राधिकारी सदर, नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी प्रज्ञा सिंह और अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
नगर मजिस्ट्रेट विकास कश्यप ने व्यापारियों से संवाद करते हुए बताया कि बरसात और आगामी कावड़ यात्रा से पहले शहर को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त किया जाना आवश्यक है। इसके लिए शीघ्र ही एक व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने सभी व्यापारी वर्ग से अपील की कि वे इस अभियान में प्रशासन का पूर्ण सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि कई दुकानदार अपनी दुकानों का सामान बाहर तक फैला देते हैं जिससे आम नागरिकों को चलने-फिरने में परेशानी होती है और जाम की स्थिति बनती है। इस कारण सभी व्यापारी अपने-अपने सामान को दुकान के अंदर ही सीमित रखें ताकि सार्वजनिक मार्ग बाधित न हो।
नगर मजिस्ट्रेट ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को निर्देश दिए कि टीमों का गठन कर नालों की सफाई और अतिक्रमण हटाने की तैयारी जल्द पूरी की जाए।
बैठक के दौरान व्यापारियों ने भी अपने-अपने सुझाव प्रशासन के समक्ष रखे। उन्होंने कहा कि शहर में ई-रिक्शा की संख्या अत्यधिक हो गई है, जिससे जाम की समस्या बढ़ रही है। इसके समाधान हेतु ई-रिक्शा के लिए निश्चित रूट और रंग निर्धारित किए जाएं तथा उनकी नियमित चेकिंग की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा, कई सड़कों पर गड्ढे होने की बात कही गई और उन्हें गड्ढा मुक्त करने की मांग रखी गई।
व्यापारियों ने यह भी सुझाव दिया कि स्कूलों की छुट्टियों के समय में थोड़ा अंतर किया जाए ताकि स्कूली बसें एक साथ न निकलें और जाम की स्थिति से बचा जा सके। साथ ही उन्होंने प्रस्ताव दिया कि जहां भी सरकारी जमीन खाली है, वहां पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सीओ सिटी राजू कुमार साव ने कहा कि अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर कार्य योजना तैयार की जा रही है। सभी व्यापारी यह सुनिश्चित करें कि उनकी दुकानों का सामान सड़क या फुटपाथ तक न लगे। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शाओं को लेकर मिले सुझावों को भी गंभीरता से लिया जाएगा।
अंत में, सभी व्यापारी वर्ग ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया और कहा कि वे शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए प्रशासन के साथ खड़े हैं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में व्यापारी प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।











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