शामली। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में प्रशासनिक लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बाबरी थाना क्षेत्र के गाँव बाबरी निवासी 72 वर्षीय मलखान सिंह मंगलवार को हाथ में एक पर्चा लेकर कलेक्ट्रेट पहुँचे, जिस पर लिखा था, “मैं अभी ज़िंदा हूँ।” डीएम कार्यालय के बाहर वह खुद को “मृत” घोषित करने की गलती के लिए न्याय की गुहार लगाते नज़र आए।
बुजुर्ग ने जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान को शिकायती पत्र सौंपते हुए बताया कि वह सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिए गए हैं, जिसके चलते उनकी वृद्धा पेंशन रोक दी गई है। यह बात तब सामने आई जब वे कई महीनों से पेंशन न आने पर बैंक पहुंचे। वहां बैंक कर्मियों ने उन्हें बताया कि सिस्टम में वह मृतक दर्ज हैं।
मलखान सिंह का कहना है कि वह जीवित हैं और महीनों से विभिन्न सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। प्रशासन की इस लापरवाही के कारण उन्हें न सिर्फ पेंशन से वंचित होना पड़ा है, बल्कि मानसिक और सामाजिक रूप से भी परेशानी झेलनी पड़ी है।
बुजुर्ग ने जिलाधिकारी से मांग की कि उन्हें मृत घोषित करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनकी पेंशन तत्काल प्रभाव से बहाल की जाए।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी सिस्टम की खामियों को उजागर कर दिया है, जहां जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर देने जैसी गंभीर लापरवाही आम होती जा रही है। ऐसे मामलों में त्वरित सुधार और जवाबदेही तय करने की मांग तेज हो रही है।











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