नई दिल्ली : इस साल दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को मिली करारी हार के बाद पार्टी के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे थे. इसके संयोजक अरविंद केजरीवाल के भी राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठाए जा रहे थे. लेकिन, मुश्किलों के दौर से गुजर रही पार्टी को अब संजीवनी मिल गई है. देश के चार राज्यों की पांच विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में पार्टी को अच्छी सफलता मिलती दिख रही है. उसे इन पांच में दो सीटों पर अच्छी बढ़त हासिल है.
दरअसल, बीते दिल्ली विधानसभा चुनाव में केंद्र शासित प्रदेश की 70 सीटों में से उसे केवल 22 सीटों पर जीत मिली. इस कारण एक दशक से अधिक समय से दिल्ली की सत्ता में काबिज रही आप सरकार बेदखल हो गई. दूसरी तरह भाजपा ने 70 में से 48 सीटों पर शानदार जीत हासिल कर 27 साल बाद राजधानी में सरकार बनाने में कामयाब हुई. बीते चुनाव में आप के कई शीर्ष नेता चुनाव हार गए. खुद अरविंद केजरीवाल और पार्टी में दो नंबर की हैसियत रखने वाले मनीष सिसोदिया भी चुनाव हार गए थे. इस हार के बाद काफी समय से अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया मीडिया से दूर हैं. लेकिन, पंजाब और गुजरात से आ रहे रूझान पार्टी के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है. आप के उम्मीदवार गुजरात की विसावदर और पंजाब की लुधियाना पश्चिम सीट पर जीत की ओर बढ़ रहे हैं.
गुजरात की विसावदर सीट पर 2022 में आप के उम्मीदवार भूपेंद्र भाई भायानी को जीत मिली थी. लेकिन, कुछ समय बाद उन्होंने पार्टी और विधायक पद से इस्तीफा दे दिया. फिर वह भाजपा में शामिल हो गए. इस कारण यहां उपचुनाव की जरूरत पड़ी. आप ने अपने सीनियर नेता गोपाल इटालिया को मैदान में उतारा. उनके लिए प्रचार करने खुद अरविंद केजरीवाल गुजरात गए थे. गोपाल ने इस चुनाव में किसानों की समस्या और भ्रष्टाचार को बड़ा मुद्दा बनाया. उनको जनता का भी प्यार मिलता दिख रहा है. वह भाजपा के उम्मीदवार किरीट पटेल से 10 हजार से अधिक काफी वोटों से आगे चल रहे हैं.
यह सीट आप के विधायक गुरप्रीत बस्सी गोगी के निधन के बाद खाली हुई थी. आप ने यहां से राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा को मैदान में उतारा है. वह भाजपा के जीवन गुप्ता और कांग्रेस के उम्मीदवार भारत भूषण आशु से काफी वोटों से आगे चल रहे हैं. राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस चुनाव के विनम्रता बनाम अहंकार की लड़ाई बताया है. इस चुनाव के नतीजे आप के शीर्ष नेतृत्व के लिए काफी अहम माने जा रहा है. ऐसी रिपोर्ट है कि अरोड़ा के जीतने की स्थिति में वह अपनी राज्यसभा की सीट खाली करेंगे और राज्यसभा उपचुनाव में पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल चुनाव लड़ेंगे और संसद के ऊपरी सदन का सदस्य बनेंगे. दोनों सीटों से आ रहे रुझान पार्टी की योजना के अनुरूप है. ऐसे में यह आप के लिए बड़ी संजीवनी से कम नहीं है.











Discussion about this post