बागपत। बागपत के रटोल थाना क्षेत्र में चचेरे भाइयों से जमीनी विवाद में दिल्ली जल बोर्ड के सेवानिवृत्त कर्मचारी बलराम सिंह (65) निवासी फुलेरा ने सुसाइड नोट लिखकर कीटनाशक निगलकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। इस बीच मृतक के परिजनों ने सुसाइड नोट के आधार पर कार्रवाई की मांग की है।
फुलेरा गांव निवासी बलराम सिंह दिल्ली जल बोर्ड से सेवानिवृत्त थे, जो गांव में खेतीबाड़ी करते था। रविवार शाम बलराम सिंह अपने घर के अंदर गंभीर हालत में पड़े मिले। इसके बाद परिवार वाले बलराम सिंह को लेकर गाजियाबाद के अस्पताल पहुंचे, वहां पर उपचार के दौरान बलराम सिंह की मौत हो गई। परिवार वाले शव लेकर गांव आ गए। परिवार वालों ने मृतक का बिस्तर उठाकर देखा तो उसमे कीटनाशक की एक शीशी और दो पन्नों का सुसाइड नोट लिखा मिला।
सुसाइड नोट में मृतक बलराम सिंह ने अपने चचेरे भाइयों पर दादालाई जमीन मांगने और इसका विवाद न्यायालय में विचाराधीन होने के बारे में लिखा। सुसाइड नोट में यह भी लिखा कि चचेरे भाइयों ने कचहरी में तारीख के दौरान जमीन नहीं देने पर धमकी दी थी। इसके बाद उसके बेटे की हत्या करने की धमकी दी गई। इसी के चलते बलराम सिंह ने आत्महत्या जैसा कदम उठाने और सुसाइड नोट में पुलिस से कार्रवाई कराने की गुहार लगाई।
सुसाइड नोट मिलने के बाद मृतक के बेटे लखन ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। वहां पहुंचे पुलिसकर्मियों ने सेवानिवृत्त कर्मी बलराम सिंह का शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। उधर चांदीनगर पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है, इसमें जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सुसाइड नोट में बलराम सिंह ने लिखा कि कचहरी में तारीख के दौरान धमकी मिलने पर वह भयभीत हो गया। इसके बाद दोबारा धमकी दी गई, लेकिन सबूत नहीं होने के कारण पुलिससे शिकायत नहीं कर पाया। सुसाइड नोट में यह भी लिखा कि मै अपने बेटे को अपने सामने मरता हुआ नहीं देख सकता, इसी वजह से दुनिया से जा रहा है। इसके अलावा बेटे से गलत कदम न उठाने के लिए भी कहा। लखन ने बताया कि बार बार धमकी मिलने और सबूत नहीं होने की वजह से पिता आहत हो गए और कीटनाशक निगलकर जान दे दी।











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