नई दिल्ली : पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए सिंधु जल समझौते को सस्पेंड कर दिया था, जिसके बाद पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने भारत को धमकी देते हुए कहा था कि सिंधु नदी में या तो हमारा पानी बहेगा या उनका खून बहेगा. भारत के एक्शन को देखते हुए अब बिलावल भुट्टो के चेहरे पर डर साफ-साफ दिखाई देने लगा है. बिलावल ने मंगलवार (6 मई, 2025) को कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ शांति के लिए तैयार है.
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ने कहा कि पाक की नेशनल असेंबली में कहा, ‘अगर भारत शांति के रास्ते पर चलना चाहता है तो उन्हें खुले हाथ से आना चाहिए ना कि मुट्ठियों को बंद करके. उन्हें सबूतों के साथ आना चाहिए, ना कि मनगढंत बातों के साथ. आइए हम पड़ोसी की तरह बैठें और सच बोलें.’
पाकिस्तानी अखबार डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार, बिलावल ने कहा, ‘यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें याद रखना चाहिए कि पाकिस्तान के लोग घुटने टेकने के लिए नहीं बने हैं. पाकिस्तान के लोगों में लड़ने का संकल्प है, इसलिए नहीं कि हम संघर्ष पसंद करते हैं, बल्कि इसलिए कि हम स्वतंत्रता पसंद करते हैं.’
बिलावल ने कहा कि पाकिस्तान का पहलगाम हमले में कोई हाथ नहीं है, जिसके लिए उसे दोष दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान खुद आतंकवाद का शिकार है. पाकिस्तान में विदेशी प्रायोजित आतंकी लगातार खून बहा रहे हैं. पाकिस्तान ने आतंकी हमलों में मारे गए अपने सैनिकों और स्कूली बच्चों को देखा, आतंक को हमसे ज्यादा किसी ने नहीं झेला है.
बिलावल भुट्टो ने कहा कि आतंकवाद से केवल हथियारों से नहीं लड़ा जा सकता है. इस खतरे से विचार, शिक्षा, आर्थिक सुधार और एकता से लड़ना होगा. भारत की ओर इशारा करते हुए बिलावल ने कहा कि आतंक को दूसरे देशों को बदनाम करके नहीं हराया जा सकता, बल्कि उन शिकायतों को दूर करके हराया जा सकता है जो इसे जन्म देती हैं.
पीपीपी चेयरमैन ने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को पहलगाम हमले की निष्पक्ष जांच कराने का ऑफर देकर अच्छी शुरुआत की है. भारत को आगे बढ़कर इसे स्वीकार करना चाहिए ताकि दोनों देशों के सहयोग से गुनाहगारों को पकड़कर न्याय के कटघरे में खड़ा किया जा सके.











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