लखनऊ। अब ट्रेन यात्रा के दौरान तय सीमा से अधिक सामान ले जाने वालों को एयरपोर्ट की तर्ज पर भारी शुल्क चुकाना पड़ेगा। रेलवे बोर्ड ने इस नियम को सख्ती से लागू करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के 14 बड़े स्टेशनों पर सामान तौलने की मशीनें लगाई जाएंगी।
दरअसल, रेलवे ने पहले से ही यात्रियों के लिए सामान ले जाने की सीमा तय कर रखी है। एसी फर्स्ट में 70 किलो, एसी सेकेंड में 50 किलो, थर्ड एसी और स्लीपर में 40 किलो तथा जनरल डिब्बे में 35 किलो तक सामान मुफ्त ले जाया जा सकता है। इससे अधिक वजन होने पर प्रति किलो की दर से शुल्क लिया जाएगा।
लगेगा जुर्माना
अब तक स्टेशनों पर सामान तौलने की मशीन और जांच व्यवस्था नहीं होने के कारण यह नियम लागू नहीं हो पाता था। साल 2018 और 2022 में इसे लागू करने की कोशिश भी हुई लेकिन बाद में वापस ले लिया गया। अब ओवरलोडिंग रोकने के लिए रेलवे फिर से इस नियम को लागू करने जा रहा है। तय सीमा से ज्यादा सामान ले जाने पर बिना शुल्क दिए पकड़े जाने पर छह गुना तक जुर्माना लगाया जाएगा।
सिर्फ वजन ही नहीं बल्कि सामान का आकार भी तय सीमा से अधिक होने पर अतिरिक्त स्थान घेरने के हिसाब से जुर्माना देना होगा। यह व्यवस्था लखनऊ, लखनऊ जंक्शन, ऐशबाग, अयोध्या, रायबरेली, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर, सुलतानपुर, बाराबंकी और गोंडा सहित 14 स्टेशनों पर लागू की जाएगी। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी ने अपने कर्मचारियों को रेलवे बोर्ड से मिले आदेशों को कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
इसी बीच, रेलवे में ग्रुप डी की नौकरी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने की मांग को लेकर राष्ट्रीय कुली मोर्चा ने मंगलवार को लखनऊ सहित देशभर में डीआरएम कार्यालयों में ज्ञापन सौंपा। मोर्चा के समन्वयक राम सुरेश ने बताया कि कुलियों की वर्तमान स्थिति की जांच और उनके लिए सुविधाओं की व्यवस्था करने की मांग उठाई गई है।











Discussion about this post