कारवार। सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज कारवार नौसेना अड्डे पर स्वदेशी ‘कालवरी’ श्रेणी की पनडुब्बी आईएनएस वाघशीर में समुद्र की गहराई का अनुभव किया। उनके साथ नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी भी मौजूद थे। राष्ट्रपति की यह यात्रा भारत की सैन्य आत्मनिर्भरता और समुद्री सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
खबर की मुख्य बातें-
ऐतिहासिक उपलब्धि: राष्ट्रपति मुर्मु देश की पहली महिला राष्ट्रपति और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के बाद दूसरी भारतीय राष्ट्रपति बन गई हैं, जिन्होंने पनडुब्बी में यात्रा की है। इससे पहले वे राफेल और सुखोई-30 जैसे लड़ाकू विमानों में भी उड़ान भर चुकी हैं।
स्वदेशी ताकत: आईएनएस वाघशीर पूरी तरह भारत में निर्मित पनडुब्बी है। राष्ट्रपति की इस यात्रा ने नौसेना के स्वदेशीकरण (Make in India) के अभियान को नई ऊर्जा दी है।
आगे का कार्यक्रम: यह दौरा राष्ट्रपति की चार दिवसीय (गोवा, कर्नाटक और झारखंड) यात्रा का हिस्सा है।
29 दिसंबर (सोमवार): जमशेदपुर (झारखंड) में ‘ओल चिकी’ शताब्दी समारोह और NIT के दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगी।
30 दिसंबर (मंगलवार): गुमला में ‘कार्तिक यात्रा’ (जनसंस्कृति समागम) को संबोधित करेंगी।











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