मेरठ। मुज़फ्फरनगर के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के खिलाफ लगाए गए कथित आरोपों को लेकर डॉक्टरों के राष्ट्रीय संगठन नेशनल यूनाइटेड फ्रंट ऑफ डॉक्टर्स (NUFD) ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन ने इन आरोपों को निराधार, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
संगठन के संस्थापक डॉ. अनिल नौसरान द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि डॉ. तेवतिया चिकित्सा सेवा क्षेत्र में नैतिकता, पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते हैं। ऐसे अधिकारी पर बिना पर्याप्त साक्ष्य के लगाए गए आरोप न केवल अनुचित हैं बल्कि एक ईमानदार सार्वजनिक अधिकारी की प्रतिष्ठा को आहत करने वाले हैं।
NUFD ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह आरोप तथ्यहीन प्रतीत होते हैं और इन्हें व्यक्तिगत स्वार्थ अथवा दबाव निर्माण के उद्देश्य से फैलाया जा रहा है। संगठन ने चेताया कि किसी अधिकारी या चिकित्सक पर बिना प्रमाण के आरोप लगाना कानूनी व सामाजिक दोनों रूप से अस्वीकार्य है।
संगठन ने मीडिया और समाज के विभिन्न वर्गों से अपील की है कि संवेदनशील मामलों में तथ्यों का निष्पक्ष सत्यापन सुनिश्चित किया जाए और अप्रमाणित आरोपों के प्रसार से बचा जाए। बयान में कहा गया है कि ऐसे कृत्य स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचाते हैं और प्रशासनिक कार्य संस्कृति पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।
NUFD ने स्पष्ट किया कि वह डॉ. सुनील तेवतिया के साथ पूर्ण एकजुटता से खड़ा है और उनके सत्यनिष्ठ एवं उच्च नैतिक मूल्यों वाले व्यक्तित्व पर उसका पूर्ण विश्वास है।
संगठन के अनुसार, ईमानदार अधिकारियों के मनोबल को कमजोर करने वाली ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए समाज को भी जिम्मेदार भूमिका निभानी होगी।











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