बिजनौर। भ्रष्टाचार के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बिजनौर में बड़ी कार्रवाई हुई है। सदर तहसील में तैनात लेखपाल रविंदर शर्मा को एंटी करप्शन टीम ने 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, लेखपाल रविंदर शर्मा वर्तमान में ब्लॉक हल्दौर के गांव कुंडा भागेंन क्षेत्र में तैनात थे। हीमपुर दीपा निवासी धर्मेंद्र ने लेखपाल से तहसील से संबंधित किसी कार्य को पूरा करने का अनुरोध किया था। आरोप है कि लेखपाल ने इस काम के बदले धर्मेंद्र से रिश्वत की मांग की।
एंटी करप्शन टीम का जाल-
रिश्वत मांगे जाने से परेशान पीड़ित धर्मेंद्र ने बरेली की एंटी करप्शन टीम को इसकी लिखित शिकायत दी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद टीम ने एक सुनियोजित जाल बिछाया। जैसे ही लेखपाल ने धर्मेंद्र से तय की गई 5,000 रुपये की रकम ली, पहले से सतर्क एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया-
गिरफ्तारी के बाद टीम लेखपाल को लेकर शहर कोतवाली पहुंची, जहां उससे लंबी पूछताछ की गई। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत लेखपाल के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विभाग में हड़कंप-
दिनदहाड़े हुई इस कार्रवाई के बाद बिजनौर सदर तहसील और राजस्व विभाग के अन्य कर्मचारियों में खलबली मच गई है। इस गिरफ्तारी को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।











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