मुजफ्फरनगर। शहर में एक सेवानिवृत्त इंजीनियर साइबर ठगों के जाल में फंस गए, जिन्होंने उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर ₹33 लाख 33 हजार रुपये ठग लिए। पीड़ित राजेंद्र गोयल, जो सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के निवासी हैं, ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
6 सितंबर की सुबह 9:07 बजे राजेंद्र गोयल के मोबाइल पर एक कॉल आई, जिसमें खुद को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) का अधिकारी बताया गया। फोन करने वाले ने आरोप लगाया कि पीड़ित अवैध विज्ञापन और धोखाधड़ी वाले संदेश भेज रहे हैं और यह केस दिल्ली के दरियागंज पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है।
इसके बाद, सुबह 9:43 बजे व्हाट्सएप कॉल के जरिए एक व्यक्ति ने खुद को विजय खन्ना, दरियागंज पुलिस स्टेशन से बताया और कहा कि गोयल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध गतिविधियों की शिकायत है।
फोन करने वाले ने गोयल को बताया कि उन्होंने हाल ही में केनरा बैंक में नया खाता खोला है, जिसे लेकर सवाल उठाए गए। जब पीड़ित ने इससे इनकार किया, तो उन पर गिरफ्तारी वारंट जारी होने की धमकी दी गई।
बाद में ठगों ने खुद को ईडी अधिकारी राहुल गुप्ता बताकर बातचीत की और न्यायाधीश को संबोधित प्रार्थना पत्र लिखवाने के बहाने पीड़ित से लगातार कई खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए।
जब तक पैसे ट्रांसफर हो गए, सभी फोन नंबर बंद हो गए। ठगे जाने का एहसास होने पर पीड़ित ने साइबर थाना मुजफ्फरनगर में मामला दर्ज कराया, जहां से जांच शुरू कर दी गई है।










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