मथुरा। मथुरा में इन दिनों बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ‘सनातन एकता पदयात्रा’ चर्चा में है। इस यात्रा के दौरान एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने सभी का ध्यान खींच लिया। धीरेंद्र शास्त्री ने एक पुलिस अधिकारी को सैल्यूट किया, वो भी खुले मंच पर. यह अधिकारी कोई और नहीं, बल्कि सख्त और चर्चित पुलिस अफसर एएसपी अनुज चौधरी हैं। आइए जानते हैं कौन हैं ये जांबाज अफसर जिन्हें खुद शास्त्री ने सैल्यूट किया।
धीरेंद्र शास्त्री की यात्रा में दिखा अद्भुत दृश्य-
गुरुवार को जब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ‘सनातन एकता पदयात्रा’ मथुरा में पहुंची, तो भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. हर जगह फूलों की वर्षा और “जय श्रीराम” के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। इसी दौरान शास्त्री ने मथुरा की सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे एएसपी अनुज चौधरी को मंच से सलामी दी। उन्होंने कहा कि चौधरी के नेतृत्व में पुलिस ने यात्रा को बेहतरीन सुरक्षा प्रदान की है। शास्त्री इस अनुशासन और सतर्कता से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उन्हें सार्वजनिक रूप से सम्मान दिया।
कौन हैं अनुज चौधरी?
एएसपी अनुज चौधरी का नाम उत्तर प्रदेश पुलिस के सख्त और कर्मठ अफसरों में गिना जाता है। वे 2012 बैच के PPS अधिकारी हैं, जिन्हें स्पोर्ट्स कोटे से पुलिस सेवा में चयनित किया गया था। चौधरी एक समय देश के जाने-माने पहलवान रहे हैं और अपने खेल जीवन में उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल कीं। पुलिस विभाग में आने के बाद भी वे अपनी फिटनेस और अनुशासन के लिए पहचाने जाते हैं।
अर्जुन अवॉर्डी और राष्ट्रीय चैंपियन-
मुजफ्फरनगर के बहेड़ी गांव के रहने वाले अनुज चौधरी का कुश्ती करियर बेहद शानदार रहा है। उन्होंने 2002 और 2010 के नेशनल गेम्स में दो सिल्वर मेडल, जबकि एशियन चैंपियनशिप में दो ब्रॉन्ज मेडल जीते। चौधरी 1997 से 2014 तक लगातार राष्ट्रीय चैंपियन रहे। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें 2001 में लक्ष्मण अवॉर्ड और 2005 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
पुलिस सेवा में सख्त लेकिन न्यायप्रिय अफसर-
खेल जीवन के बाद अनुज चौधरी ने 2012 में उत्तर प्रदेश पुलिस में बतौर डिप्टी एसपी जॉइन किया। संभल में हुई हिंसा के बाद उनकी कड़ी कार्रवाई ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया था। उनके नेतृत्व में कानून व्यवस्था संभालने की शैली की चर्चा पूरे प्रदेश में हुई। हाल ही में फिरोजाबाद एनकाउंटर के दौरान उनकी मौजूदगी और फैसले ने एक बार फिर उनके सख्त प्रशासनिक रवैये को साबित किया।
किष्किंधा रथयात्रा और सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरें-
किष्किंधा रथयात्रा के दौरान अनुज चौधरी की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी, जिसमें वे हाथ में गदा लेकर चल रहे थे. इस छवि ने उन्हें एक ‘धर्मनिष्ठ लेकिन अनुशासित अधिकारी’ के रूप में पहचान दिलाई। उन्होंने कई बार सामाजिक मुद्दों पर भी स्पष्ट और जिम्मेदार बयान दिए हैं।
मथुरा यात्रा में दिखी पुलिस की सतर्कता-
धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा मथुरा में करीब 55 किलोमीटर तक चली। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस ने बेहद सटीक इंतज़ाम किए। एएसपी अनुज चौधरी के निर्देशन में पूरी टीम ने शांति और व्यवस्था बनाए रखी। श्रद्धालुओं ने भी पुलिस की मेहनत की सराहना की।
धीरेंद्र शास्त्री का संदेश – “हम दंगे नहीं, गंगा की शांति चाहते हैं”
पदयात्रा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने अपने संबोधन में दिल्ली विस्फोट की घटना का जिक्र करते हुए हिंसा की निंदा की. उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य समाज में शांति, एकता और भाईचारा फैलाना है। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जैसे दूरदर्शी बनने की दिशा में बढ़ना चाहिए।











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