शामली। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक लालची डॉक्टर ने सरकार द्वारा देशवासियों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजना (आयुष्मान योजना) का दुरुपयोग करते हुए मरीज के इलाज के नाम पर उसके आयुष्मान कार्ड से लाखों रुपए निकाल लिए।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक पीड़ित बुजुर्ग का आरोप है कि वह आयुष्मान योजना के तहत अपने गले का इलाज कराने के लिए एक निजी अस्पताल गया था। जहां डॉक्टर ने उसे 05 दिन तक अस्पताल में भर्ती रखा और सिर्फ औपचारिकता के लिए उसका इलाज किया और उसके आयुष्मान कार्ड से लाखों रुपए निकाल लिए। जिसके संबंध में पीड़ित ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए अपने आयुष्मान कार्ड के पैसे वापस दिलाने और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
आपको बता दें कि बाबरी क्षेत्र के गांव कैदी निवासी जहूर हसन बीमार हालत में कलेक्ट्रेट पहुंचा। जहां उसने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया कि उसके गले की हड्डी फंस गई थी। जिसके इलाज के लिए वह आयुष्मान योजना के तहत अपने गले का इलाज कराने के लिए थानाभवन स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचा था। पीड़ित का कहना है कि डॉक्टरों ने उसका इलाज आयुष्मान योजना के तहत शुरू किया।
आरोप है कि इस दौरान उसे 5 दिन तक अस्पताल में भर्ती रखा गया और इलाज के नाम पर उसे हर रोज ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई जाती थी। जहां वह हर रोज सुबह अस्पताल आता था और शाम को उसे वापस घर भेज दिया जाता था। इसके बाद डॉक्टर ने मरीज के आयुष्मान कार्ड से करीब ढाई लाख रुपए का गबन कर लिया। आरोप है कि जब पीड़ित ने इस बारे में डॉक्टर को बताया कि जिस बीमारी के लिए मैं यहां भर्ती हुआ हूं, उसका इलाज भी नहीं हुआ है और मेरे आयुष्मान कार्ड से ढाई लाख रुपए का गबन कर लिया गया है।
जिस पर डॉक्टर ने मरीज के साथ बदसलूकी की और कहा कि यहां से भाग जाओ नहीं तो तुम चल भी नहीं पाओगे। हमारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी से सांठगांठ है और आप हमारा कुछ नहीं कर सकते। इसके बाद से पीड़ित काफी परेशान है। क्योंकि न तो उसका इलाज हुआ है और न ही उसके आयुष्मान कार्ड से पैसे निकाले गए हैं। जिसके चलते अब पीड़ित ने जिलाधिकारी से गुहार लगाकर मांग की है कि उसके आयुष्मान कार्ड का पैसा वापस दिलाया जाए और सरकार की कल्याणकारी योजना से खिलवाड़ करने वाले डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाए।











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