शामली। उत्तर प्रदेश के शामली जिले के मंडी हसनपुर गांव में बघरा आश्रम के मुख्य पुजारी स्वामी यशवीर महाराज ने एक मंदिर के शुद्धिकरण के दौरान विवादास्पद बयान दिया।
उन्होंने दावा किया कि इस्लामिक ताकतों ने देशभर में मदरसों में करीब 20 हजार जिहादियों को प्रशिक्षित किया है, जो साधु-संतों के वेश में मंदिरों में रहकर हिंदू महिलाओं को निशाना बनाते हैं और लव जिहाद को बढ़ावा देते हैं। यह बयान मंडी हसनपुर के एक मंदिर से पश्चिम बंगाल के एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद आया, जिसे पुलिस ने मुस्लिम होने और अपनी पहचान छिपाकर 14 साल तक मंदिर में पुजारी के रूप में रहने का दोषी पाया।
घटना का विवरण देते हुए, यशवीर महाराज ने कहा कि मंडी हसनपुर के मंदिर में पिछले 8 वर्षों से एक व्यक्ति पुजारी के रूप में रह रहा था, जो जांच में मुस्लिम निकला। उनके अनुसार, इस व्यक्ति ने मंदिर को अपवित्र किया और संभवतः मूर्तियों के साथ अनुचित व्यवहार किया।
उन्होंने दावा किया कि ऐसी इस्लामिक ताकतें सनातन धर्म को नष्ट करने और भारत में गृहयुद्ध की स्थिति पैदा करने की साजिश रच रही हैं। उनके मुताबिक, इन तथाकथित जिहादियों को हिंदू पूजा-पाठ और साधु के वेश में रहने का प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वे हिंदू महिलाओं के संपर्क में आएं, उनके मोबाइल नंबर हासिल करें और लव जिहाद को बढ़ावा दें।
यशवीर महाराज ने मंदिर में हवन-पूजन के साथ शुद्धिकरण का आयोजन किया, जिसमें ग्रामीणों और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने पुलिस प्रशासन की तारीफ की, जिसने संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया, और मांग की कि इस मामले की गहन जांच हो ताकि यह पता चल सके कि इस व्यक्ति को मंदिर में किसने नियुक्त किया और उसे प्रशिक्षण किसने दिया। साथ ही, उन्होंने सनातनियों से अपील की कि वे अपने मंदिरों में ऐसे संदिग्ध लोगों की जांच करें।
हालांकि, यशवीर महाराज का यह बयान अत्यंत विवादास्पद है और सामाजिक तनाव को बढ़ावा दे सकता है। उनके दावों की सत्यता की पुष्टि के लिए कोई ठोस सबूत नहीं दिए गए हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पहले भी यशवीर महाराज पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने के आरोप लग चुके हैं, जैसे कि 2015 में कांधला में दिए गए उनके भड़काऊ भाषण के बाद।











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