बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने समाजवादी पार्टी (सपा) नेताओं सरफराज वली खान और राशिद खान के अवैध बरातघरों को ध्वस्त करने की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रखी। बुधवार सुबह से ही दोनों बरातघरों को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर लगाए गए। इस कार्रवाई का नेतृत्व मजिस्ट्रेट रामजन्म यादव, बीडीए के संयुक्त सचिव दीपक कुमार और सीओ सिटी तृतीय पंकज कुमार कर रहे हैं।
कार्रवाई से जुड़ा घटनाक्रम-
14 साल पुराना आदेश: ध्वस्तीकरण के ये आदेश लगभग 14 साल पहले, 12 अक्टूबर 2011 को सूफी टोला स्थित बरातघर ऐवान-ए-फरहत और गुड मैरिज हॉल के लिए जारी किए गए थे।
नोटिस के बाद कार्रवाई: बीडीए सचिव वंदिता श्रीवास्तव ने 24 नवंबर 2025 को सरफराज वली खान और राशिद खान सहित उनके भाइयों को नोटिस जारी कर भवन खाली करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद मंगलवार से बुलडोजर चलना शुरू हुआ।
पहले दिन हुआ था विरोध: पहले दिन की कार्रवाई के दौरान परिवार की महिलाओं ने विरोध जताया था। हालांकि, दूसरे दिन किसी तरह का विरोध देखने को नहीं मिला।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: कार्रवाई में किसी भी अव्यवस्था से बचने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
राजनीतिक कनेक्शन और रसूख-
आजम खान से करीबी: सरफराज वली खान को प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान का करीबी माना जाता है। उनके सियासी प्रभाव के कारण 2014 में तत्कालीन सपा सरकार ने उनके खिलाफ दर्ज दो मुकदमों को वापस ले लिया था।
लंबे समय तक बची रही कार्रवाई: राशिद खान के अवैध निर्माण पर भी सत्ता में बदलाव के बाद भी लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई थी, लेकिन अब इन सभी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई हो रही है।











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