मुजफ्फरनगर। जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की योजनाओं के क्रियान्वयन का वास्तविक आकलन करने के लिए केंद्र सरकार की कॉमन रिव्यू मिशन (CRM) टीम मुजफ्फरनगर पहुँच गई है। दस सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने सोमवार को जिला चिकित्सालय और महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण शुरू कर दिया है।
बारीकी से परखी गईं व्यवस्थाएं-
सोमवार को मुजफ्फरनगर पहुँची सीआरएम टीम ने सुबह से ही स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का विस्तृत परीक्षण किया। टीम ने पंजीकरण काउंटर, ओपीडी, आपातकालीन वार्ड, दवा भंडारण कक्ष और वितरण प्रणाली का विस्तृत जायजा लिया।
मरीजों से बातचीत- टीम के सदस्यों ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर सुविधाओं की जानकारी ली।
कर्मचारियों से चर्चा- उन्होंने चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और फार्मासिस्टों से सेवा वितरण और कार्यप्रणाली से संबंधित बिंदुओं पर चर्चा की।
अन्य निरीक्षण- बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण, सफाई व्यवस्था, ब्लड बैंक और प्रयोगशाला की कार्यप्रणाली भी जाँची गई।
महिला अस्पताल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, प्रसूति वार्ड और नवजात शिशु देखभाल इकाई (NBSU) की विशेष समीक्षा की गई।
उत्कृष्ट सेवाओं के कारण मुजफ्फरनगर का चयन-
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुनील कुमार तेवतिया ने बताया कि मुजफ्फरनगर को उत्तर प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं वाले जिले के रूप में चयनित किया गया है, जिसके कारण सीआरएम टीम यहाँ मूल्यांकन के लिए आई है।
सबसे खराब कार्यप्रणाली की श्रेणी में बलरामपुर जनपद का चयन हुआ है।
30 बिंदुओं पर होगा मूल्यांकन-
डीपीएम डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि सीआरएम टीम जनपद में NHM के तहत दी जा रही सेवाओं का मूल्यांकन करीब 30 बिंदुओं पर करेगी। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं-
सेवा की उपलब्धता और मानव संसाधन
दवा वितरण प्रणाली और स्वच्छता
जननी सुरक्षा योजना और आयुष्मान भारत
मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन
कॉमन रिव्यू मिशन की यह टीम 7 नवंबर तक जिले में रहेगी और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जमीनी हकीकत की समीक्षा करेगी। निरीक्षण के दौरान सीएमओ समेत जिला स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।










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