मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव खानुपुर निवासी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में सहायक उपनिरीक्षक (ASI) के पद पर तैनात विनोद विश्वकर्मा (50 वर्ष) को सोमवार को उनके पैतृक गांव खानुपुर में राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। हृदयघात से हुए उनके आकस्मिक निधन से पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया है।
मूल रूप से सोंटा गांव के निवासी विनोद विश्वकर्मा पुत्र भगवत प्रसाद पिछले आठ वर्षों से परिवार सहित खानुपुर मिल मंसूरपुर में रह रहे थे। वर्तमान में उनकी तैनाती त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में थी। जानकारी के अनुसार, गत 18 सितंबर को ड्यूटी के दौरान उन्हें अचानक हृदयघात हुआ। साथी जवानों ने उन्हें तत्काल सैन्य अस्पताल अगरतला में भर्ती कराया, लेकिन 21 सितंबर की सुबह उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
अगरतला में सीआरपीएफ की ओर से उन्हें सैन्य सम्मान के साथ विदाई दी गई। इसके बाद, रविवार रात करीब 10 बजे उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा सीआरपीएफ के जवानों की टुकड़ी द्वारा गांव खानुपुर पहुँचाया गया। वीर सपूत के घर पार्थिव शरीर पहुँचते ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरे वातावरण में गम और शोक का माहौल छा गया।
सोमवार की सुबह अंतिम संस्कार से पूर्व राजकीय सम्मान के साथ शहीद विनोद विश्वकर्मा को सलामी दी गई। इस दौरान सीआरपीएफ के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अंतिम संस्कार में भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी, सपा नेता राकेश शर्मा, संजय राठी, हरेंद्र शर्मा, भूपेंद्र राठी, नंद किशोर पांचाल, ग्राम प्रधान राजीव धनगर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने पुष्प अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी।
इसके उपरांत गांव के श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। बड़े बेटे शिखर विश्वकर्मा ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान ग्रामीणों की आंखें नम थीं और ‘विनोद विश्वकर्मा अमर रहें’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से पूरा माहौल गूंज उठा। विनोद विश्वकर्मा की शहादत को देश और क्षेत्र हमेशा याद रखेगा।










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