मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा से पहले शहर के एक संवेदनशील इलाके में सड़क मरम्मत को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मामला नगर पालिका क्षेत्र के मदीना चौक से जिला अस्पताल जाने वाली मुख्य सड़क का है, जो कांवड़ यात्रा का महत्वपूर्ण पैदल मार्ग है। हर साल बड़ी संख्या में शिव भक्त हरिद्वार से जल लेकर इसी मार्ग से गुजरते हैं।
शनिवार को इस मार्ग की मरम्मत के दौरान मुस्लिम बहुल इलाके के लोगों ने काम का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि हर वर्ष सिर्फ गड्ढे भरकर खानापूर्ति कर दी जाती है, लेकिन सड़क दोबारा नहीं बनाई जाती। स्थानीय मुस्लिम समाज ने प्रशासन से स्पष्ट तौर पर कहा कि आधे-अधूरे सुधार कार्य से भविष्य में दुर्घटना होने पर सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सकता है।
विवाद बढ़ता देख कुछ हिंदू संगठनों के लोग भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने भी मरम्मत कार्य को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि गड्ढे भरने की जगह पूरी सड़क का निर्माण आवश्यक है, जिससे शिवभक्तों को कोई असुविधा न हो और यात्रा निर्विघ्न पूरी हो सके।
स्थिति तनावपूर्ण होने से पहले ही प्रशासन हरकत में आया। सिटी मजिस्ट्रेट पंकज कुमार राठौर और नगर पालिका अध्यक्ष पति गौरव स्वरूप मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया।
पालिका अध्यक्ष पति गौरव स्वरूप ने बताया कि इस सड़क का टेंडर पास हो चुका है, लेकिन बरसात के कारण अभी निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सितंबर माह से सड़क निर्माण का काम शुरू किया जाएगा। फिलहाल, कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए गड्ढों की भराई कर अस्थायी रूप से रास्ता दुरुस्त किया जा रहा है।
स्थानीय मुस्लिम निवासियों ने प्रशासन को आगाह किया कि यदि यात्रा के दौरान कोई शिवभक्त गड्ढों में गिर गया या उसकी कांवड़ खंडित हो गई तो इसका इल्जाम इलाके के मुस्लिम समाज पर आएगा, जिससे सांप्रदायिक तनाव फैल सकता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि पूरी सड़क का नवनिर्माण शीघ्र शुरू कराया जाए।
कांवड़ यात्रा से पहले प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इस संवेदनशील इलाके में शांति बनाए रखने और तीर्थयात्रियों को सुगम मार्ग उपलब्ध कराने की है। नागरिकों और संगठनों ने प्रशासन से पारदर्शी और स्थायी समाधान की मांग की है।










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