संभल। उत्तर प्रदेश के संभल हिंसा के मुख्य आरोपी और जामा मस्जिद के सदर जफर अली की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। जमानत पर जेल से छूटने के बाद रोड शो करने के मामले में पुलिस ने जफर अली, उनके बेटे हैदर, बड़े भाई ताहिर, एडवोकेट सरफराज समेत 4 नामजद और 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि इन लोगों ने बिना अनुमति रोड शो निकाला, धार्मिक नारेबाजी की और धारा-144 का उल्लंघन किया।
जफर अली को 131 दिन बाद 1 अगस्त को मुरादाबाद जेल से जमानत पर रिहा किया गया। रिहाई के बाद समर्थकों ने मुरादाबाद से संभल तक 42 किलोमीटर लंबा रोड शो निकाला, जिसमें करीब 3,000 लोग शामिल हुए। जगह-जगह मालाएं पहनाई गईं, पटाखे फोड़े गए और धार्मिक नारे लगाए गए। जफर अली खुली जीप में बैठकर नेताओं की तरह अभिवादन स्वीकार करते नजर आए।
संभल पहुंचने पर भीड़ ने एक बार फिर जफर को कंधे पर उठा लिया। इस दौरान जफर अली ने कहा, “अगर किसी चीज को बचाना है, तो आपके हाथ में पावर होना चाहिए। अगर मेरे पास पावर होता, तो आज मैं जेल में नहीं होता।”
जफर अली को 23 मार्च 2025 को संभल हिंसा मामले में गिरफ्तार किया गया था। उस पर भीड़ को भड़काने और दंगे की साजिश का आरोप है। हिंसा 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान भड़की थी, जिसमें 4 लोगों की मौत हुई थी।
इसके बाद पुलिस ने 79 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया था और सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क, विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल समेत 40 नामजद और 2750 अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज की थी। SIT ने बाद में 1128 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें 23 लोगों को आरोपी बनाया गया था। हालांकि सुहैल इकबाल का नाम चार्जशीट में नहीं था।











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