मथुरा। यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तड़के घने कोहरे ने मौत का तांडव मचाया। बलदेव थाना क्षेत्र के 127 किलोमीटर माइलस्टोन के पास सुबह करीब 3:30 बजे हुए एक भीषण सड़क हादसे में 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 80 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। कोहरे के कारण दृश्यता (Visibility) लगभग शून्य थी, जिसकी वजह से एक के बाद एक 7 बसें और 3 कारें आपस में टकरा गईं।
धमाके के साथ लगी आग, जलती बसों से जान बचाकर भागे लोग-
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहनों की भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि टकराते ही कई बसों में धमाके के साथ भीषण आग लग गई। मंजर इतना डरावना था कि आग की लपटों के बीच यात्री खिड़कियों से कूदकर और चीखते-चिल्लाते अपनी जान बचाने के लिए भागते दिखे। पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुँचकर घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और मलबे में फंसे घायलों को बाहर निकाला।
अस्पतालों में मची अफरा-तफरी-
हादसे में घायल हुए 80 से अधिक लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
जिला अस्पताल मथुरा: 38 घायलों का उपचार चल रहा है।
बलदेव सीएचसी: 39 घायलों को यहाँ लाया गया।
आगरा रेफर: गंभीर रूप से झुलसे और घायल यात्रियों को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
पीड़ितों की दास्तां: “कुछ समझ आता, उससे पहले सब खत्म हो गया”-
बांके बिहारी मंदिर दर्शन के लिए जा रहे कानपुर निवासी अमन यादव ने बताया कि कोहरे के कारण कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था, तभी अचानक उनकी कार सामने वाले वाहन से टकरा गई और पीछे से गाड़ियों की कतार भिड़ती चली गई। वहीं, हमीरपुर की नसीमा, जो पति के साथ मजदूरी के लिए पानीपत जा रही थीं, ने बताया कि बस टकराते ही आग का गोला बन गई, जिसमें उनके पति गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रशासनिक कार्रवाई और पहचान-
मंडल आयुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने 10 मौतों की पुष्टि की है, जिनमें से 4 शवों की पहचान हो चुकी है। हालांकि, अपुष्ट खबरों के अनुसार जीवित जलने वालों की संख्या अधिक हो सकती है, जिसकी जाँच प्रशासन कर रहा है। हादसे के बाद एक्सप्रेस-वे पर लगे लंबे जाम को यातायात पुलिस ने घंटों बाद सुचारू कराया।











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